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नेपाल-उत्तर प्रदेश की सीमा पर आतंकवादी संभावनाओं के मद्देनजर बढाई गई सुरक्षा चौकसी

 

नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सघन पेट्रोलिंग की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए सीमावर्ती थानों को मैनपॉवर समेत अन्य जरूरी संसाधनों से लैस किया जाएगा। पेट्रोलिंग में संदिग्ध स्थानों पर खास नजर रखी जाएगी। साथ ही हर तरह की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सशस्त्रत्त् सीमा बल (एसएसबी) के साथ साझा की जाएगी।

धर्म विशेष के पूजास्थलों की संख्या बढ़ी
नेपाल के साथ यूपी की 570 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। इसमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महराजगंज व सिद्धार्थनगर जिले आते हैं। इन जिलों में नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रदेश पुलिस के 30 थाने हैं। खुफिया माध्यमों से समय-समय पर जुटाई गई जानकारी के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में एक धर्म विशेष के पूजास्थलों व शैक्षिक संस्थानों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इसके अलावा इन इलाकों में नकली भारतीय मुद्रा व मादक पदार्थों की तस्करी की घटनाएं भी प्रकाश में आती रहती हैं।

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ग्राम सुरक्षा समितियां गठित करने का सुझाव
सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर जोन के क्षेत्र में आने वाले पांच जिलों की नेपाल से लगी 396 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर गृह विभाग में मंथन चल रहा है। प्रस्ताव में सीमावर्ती थानों के पुलिस कर्मियों को पेट्रोलिंग के लिए वाहन और जरूरी संसाधन दिए जाएंगे। पेट्रोलिंग में धर्म विशेष के धर्मस्थलों व शैक्षिक संस्थानों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। साथ ही सभी तरह की संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं एसएसबी के साथ साझा की जाएंगी। जरूरी होने पर साझा गश्त और कार्रवाई भी की जाएगी। एसएसबी से तालमेल के लिए पुलिस में नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। प्रस्ताव में सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्राम सुरक्षा समितियां बनाने और ग्राम प्रधानों का भी सहयोग लेने का सुझाव दिया गया है।

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