नेपाल की अवस्था में ७० साल से क्यों कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है ? –महतो

काठमांडू, २७ मई । लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के नेता राजेन्द्र महतो का कहना है कि ७० साल से आज तक नेपाल में पुरानी ही परिपाटी को रिपिट की जा रही है, जिसके चलते आज तक आम जनता ने परिवर्तन की अनूभूति नहीं की है । नीति तथा कार्यक्रम के ऊपर आज आयोजित विचार–विमर्श एवं प्रतिनिसधा बैठक को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
नेता महतो ने कहा कि ७० साल पहले नेपाल में पंच वर्षीय योजना शुरु की गई थी, जहां सरकार की ओर से नीति तथा कार्यक्रम पेश किया जाता है और प्रतिपक्ष में रहनेवाले इसको विरोध करते हैं, यही परंपरा आज भी जारी है । उन्होंने कहा– ‘७० साल से हमारा अभ्यास कैसा हो रहा है ? उसमें कुछ परिवर्तन आया है या नहीं ? इसमें समीक्षा करने की जरुरत है कि नहीं ?’ नेता महतो ने आगे कहा– ‘कार्मकाण्डी नीति तथा कार्यक्रम लाया जाता है, उसमें घंटों बहस किया जाता है, प्रतिपक्ष में रहनेवाले विरोध करते हैं । यही परम्परा वर्षों से रिपिट हो रही है ।’ उनका कहना है कि नेपाल की अवस्था ऐसी है, जिसको देखकर कहना पड़ता है कि नेपाल भगवान के भरोसे चल रहा है ।
नेता महतो को मानना है कि नेताओं के बीच देश विकास के लिए नहीं, भ्रष्टाचारी का आरोप लगाकर एक–दूसरे को आरोप–प्रत्यारोप के लिए बहस होता है । उन्होंने प्रश्न किया– ‘नेपाल प्राकृतिक संपदा की दृष्टिकोण से धनी है, लेकिन नेपाली जनता क्यों गरीब हैं ?’ उनका मानना है कि ऐसी परिस्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है, इसमें समीक्षा होना चाहिए । उनका यह भी कहना है कि नेपाल सभी जातजाति और भाषाभाषी का देश है, लेकिन यहां सिर्फ एक वर्ग तथा जाति का शासन चलता है ।
इसीतरह स्थानीय चुनाव को दलीय प्रतिस्पर्धा बिहीन बनाने के लिए भी उन्होंने आग्रह किया । उनका मनाना है कि स्थानीय चुनाव को दलीय चुनाव बनाकर लोकतन्त्र का दुरुपयोग किया जा रहा है और इसको कमजोर भी बनाया जा रहा है ।

