बर्दिया जिले को काठमांडू जैसा बनाउंगा
बचपन से राजनीति से रुचि रखने वाले वामदेव गौतम की औपचारिक शिक्षा एसएलसी तक की है। लेकिन वे राजनीति के बहुत बडे खिलाडÞी है। गृहमन्त्री तक बन चुके गौतम नेकपा एमाले के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं। हाल ही सम्पन्न संविधानसभा निर्वाचन में गौतम प्युठान क्षेत्र नं. १ और बर्दिया क्षेत्र नं. १ से निर्वाचित हुए हैं। बर्दिया में गौतम ने १८ हजार ३ सौ ४७ वोट लाकर विजय हासिल की। निर्वाचित होने के बाद वह अपने मतदाता को धन्यवाद ज्ञापन हेतु बर्दिया आ थे। उसी समय गौतम से बर्दिया के हिमालिनी प्रतिनिधि सन्दीपकुमार वैश्य द्वारा लीर् गई अन्तरवार्ता का सम्पादित अंश

आप चुनाव जीत गए हैं, कैसा लग रहा है – –
बहुत खुश हूँ, युद्ध मैदानसे युद्ध जितने के बाद एक योद्धा कैसा अनुभव करता है, वैसा ही अनुभव कर रहा हूँ। इसके लिए अपने अमूल्य वोट देने वाले सभी बर्दिया और प्युठान वासी को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। आप प्यूठानवासी होकर भी बर्दिया से चुनाव लड कर जीत हासिल कर लिए है।
चुनाव क्षेत्र बर्दिया को ही चुनने का कारण क्या है – –
इसका बहुत गहरी और लाम्बी कहानी है। छोटे शब्द में कहा जाए तो बर्दिया जिले से मेरा बहुत गहरा सम्बन्ध है। बर्दिया जिले में प्यूठानी बासियों का बहुत बडÞी बस्ती थी। एसएलसी पास करने के बाद मैं पहिली बार घूम्ाने के लिए बर्दिया आया था। कुछ समय इधर ही बिताया। उसके बाद बर्दिया छोडने का मन ही नहीं किया। बर्दिया में ही २०२४ साल में भूमिसुधार कार्यालय में नौकरी करने लगा। भूमिसुधार कार्यालय में रहते समय मैंने बचत सवर्-इन्स्पेक्टर होकर काम किया। उसके बाद सरकारी नौकरी छोड कर २०२६ साल से मैं भूमिगत हो गया। इस तरह मेरा सम्बन्ध बर्दिया से गहरा होते गया।
अब आप बर्दिया जिले के लिए क्या करेगे –
-इस जिले के लिए बहुत कुछ करना बाँकी है। सबसे पहले तो अब बर्दिया जिल्ो में रहे प्रमुख समस्या तथा भूमिहीनों की समस्या कैसे समाधान किया जा सकता है, उस तरफ सोचूंगा। भूमिहीन, सुकुम्बासी और मुक्त कमैया की समस्या समाधान के लिए अधिकार सम्पन्न सुकुम्वासी समस्या समाधान आयोग गठन करने का पहल भी कर रहा हूँ। कमैया पुनर्स्थापन के लिए पर््रयाप्त वजट की आवश्यकता है। इसके लिए भी मेरी तरफ से प्रयास होगा। उसके बाद गुलरिया-मर्ुर्तिहा नाका के संचालन के लिए प्रयास करुंगा। नदी कटान के चपेट में रहे बर्दिया जिला को इस समस्या से आजाद दिलाना है। अन्य विकास निर्माण के काम भी है। इन सारी बातों को लेकर मैं संक्षेप में कहना चाहता हूँ कि आगामी एक दशक के भीतर मैं बर्दिया को काठमांडू जैसा ही विकसित शहर बनाउ+mगा।

