जूली की खूशबू निर्वाचन क्षेत्र तीन में चहुंदिशि फैला

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम के 18वार्ड सम्मलित निर्वाचन क्षेत्र तीन में जुली की खुशवू चहुंदिश फैला है। सभी चौक चौराहे पर जूही की चर्चा हैं। नेकपा एमाले से चुनाव लड़ रही पूर्व मंत्री जुली इस पहले भी इस क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी है तथा कम वोटो की अंतर से नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार विमलेंद्र निधि से चुनाव हार गयी। इस चुनाव से पूर्व वे समानुपातिक से सांसद बनीं। लोसपा से राजेन्द्र महतो चुनाव जीते और विमलेंद्र निधि को हार की मुंह देखना पड़ा। उस चुनाव में एमाले के प्रत्याशी बेहद कमजोर थे। इसलिए निधि को हराने के लिए एमाले के सभी वोटर लोसपा को वोट दिए। इ वार राजेन्द्र महतो इस क्षेत्र को छोड़ चुके हैं। विमलेंद्र निधि भी समानुपातिक में चले गयेहैं। जूली क्षेत्र में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए दो साल पहले ही मूड बना ली थी। वे क्षेत्र में जन संपर्क अभियान भी शुरू कर दिए थे। दुसरी सत्ता गठवंधन में प्रत्याशी काअनिश्चितता बनी हुयी थी। नामांकन से एक दिन पूर्व तक नेपाली कांग्रेस से परमेश्वर महासेठ सत्ता गठवंधन की ओर से नेपाली कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। अंतिम समय में यह क्षेत्र लोसपा के कोटा में चला गया। अनिल झा चुनाव में उतरे हैं। रौतहट जिला के निवासी होने से इस क्षेत्र तीन की जनता जानते भी नहीं है। इसलिए इन्हें जमीन बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा। हालांकि वे गठवंधन के उम्मीदवार हैं। नेकपा माओवादी, नेपाली कांग्रेस, नेकपा एस साथ में है। लेकिन वे कितनी इमानदार बनते हैं कहना मुश्किल है। इससे पहले सत्ता गठवंधन के उम्मीदवार पूर्व मेयर लाल किशोर साह थे। लेकिन इसका फायदा नहीं मिल सका। इसबार एमाले का गठवंधन जसपा से हैं। इस क्षेत्र में सवसे अधिक मतदाता बैश्य (साहुजी) का हैं। संसदीय चुनाव में अंतिम समय सभी गोलबंद हो जाता है। इस वार स्वतंत्र से उमेश साह तथा जनमत से भी बैश्य उम्मीदवार हैं। वे कितना बैश्य का वोट काट सकते है। दुसरी बात यह भी है स्थानीय चुनाव में लोसपा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। वहुत सारे लोसपा के नेता तथा कार्यकर्ता एमाले में आ गए है। लेकिन चुनाव में ऊंट किस करबट बैठेगा कहना मुश्किल है?

