रोचक बनता जा रहा है धनुषा क्षेत्र तीन का संसदीय चुनाव

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । मधेश का हॉट सीट माने जाने वाले धनुषा निर्वाचन क्षेत्र जिसमें मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम उप महानगर पालिका के 18बार्ड शामिल हैं। भारत सेसटे यह निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की हार जीत का गुणा भागका आंकलन इस क्षेत्र के नहीं अपितु सीमा पार के लोग भी करते है। इस वार के चुनाव में सत्ता गठवंधन के साझा उम्मीदवार लोसपा के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री अनिल कुमार झा हैं वहीं एमाले, जसपा के साझा उम्मीदवार जूली महतो है। जूली महतो 2069में एमाले से चुनाव लड़ी थी तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता बिमलेन्द्र निधि से 1200से मतो चुनाव हार गयी। 2074में जूली समानुपातिक में चली गई। इस क्षेत्र से मधेशी दल के संयुक्त उम्मीदवार राजेन्द्र महतो तथा विमलेंद्र निधि नेपाल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। इस क्षेत्र से एमाले की ओर राम सिंह यादव उम्मीदवार थे। लेकिन मुकाबला राजेन्द्र महतो के बीच हो गया। शुरू शुरू में बाहरी उम्मीदवार का नारा खूब लगा बाद में यह नारा बिलुप्त हो गया। बिमलेन्द्र निधि से जनता नाखुश थे जिसका सीधा फायदा महतो जी को मिला। अंतत:महतो जी चुनाव जीत गये। इस बार वे अपने पुराने घर चले गये है। और नये घर की चाभी अनिल कुमार झा को सौप दिये है। नये घर के पास पडोसी के साथ महतो जी को अपनैती, भात पानी का रिश्ता नहीं था लेकिन समय का चक्र देखिए। अब पडोसी के साथ अपनैती क्या गों आरी जूट गया है। गले सिकबे भूलकर नये पडोसी को जीताने के लिए सत्ता गठवंधन के नेता कमर कस चुके है। बिमलेन्द्र निधि अपनी प्रतिष्ठा मानकर बोट मांग रहे हैं वहीं जूली इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने की मूड पहले से ही बना चुकी थीं इसलिए वे डूर टू डूर(घर दैलो) पहले ही शुरू कर दिए थे। एक बार पहले इस क्षेत्र से चुनाव लडने से जनता के बीच इन नामो की चर्चा पूरे क्षेत्र में हैं। वही मधेशी दल में राष्ट्रीय नेता होने से क्षेत्र के बुद्धिजीवी तो अनिल कुमार झा को तो सब जानते थेलेकिन आम जनता इनसे अपरिचित ही थे। लेकिन चुनाव ज्यों ज्यों नजदीक आ रहा है। अनिल झा दूज की चांद की तरह बढ रहे हैऔर अब तो मुकाबला रोचक बनता ही जा रहा है।

