जयनगर स्थित नेपाली रेलवे स्टेशन की बिजली कटी, शाम होते ही धनघोर अँधेरे में डूबा स्टेशन : ललित झा
ललित झा, जयनगर जानकपुर। एक तरफ भारत और नेपाल, दोनों देश की सरकारों द्वारा विश्व प्रसिद्ध राम जानकी विवाह महोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक आयोजन बनाने में हर संभव कोशिश करने में लगी है.
वही दूसरी तरफ नेपाल रेलवे तथा विद्युत अवर प्रमंडल जयनगर के पदाधिकारीयों के लापरबाहि तथा असंवेदनशीलता के कारण राम जानकी विवाह महोत्सव के आयोजन पर पानी फेरने में लगे हुए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जयनगर स्थित बिहार के बिजली विभाग द्वारा नेपाली रेलवे स्टेशन का बिजली कनेक्शन बुधवार को काट दिया गया है जिससे शाम होते ही नेपाली रेलवे स्टेशन अंधकार में डूब जाता है और देश विदेश के जनकपुर जानेवाले श्रधालुओ को भारी मुसीबतों का सामना करना पर रहा है
इस संदर्भ में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता रमण कुमार का कहना है कि नेपाल रेलवे पर हमारा 7 लाख 64 हजार का बिजली बिल बकाया है और बार बार कहने के बाबजूद बिजली बिल का भुगतान नही करने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। उनके अनुसार बिजली विभाग के कर्मचारी जब बिजली बिल देने जब जयनगर स्थित नेपाली रेलवे स्टेशन जाते है तो नेपाल रेलवे के कर्मचारी बिजली बिल लेने से कतराते है और कहते हैं कि यह बिल जनकपुर कार्यालय में जाकर रिशिव कराइये, जबकि इस संदर्भ में नेपाल रेलवे के कर्मचारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

नेपाली रेलवे स्टेशन पर बिजली कनेक्शन काटे जाने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। जहाँ एक तरफ जेनरेटर के सहारे जैसे तैसे ट्रेन का परिचालन हो रहा है लेकिन बिजली के अभाव में कर्मचारी से लेकर सुरक्षाकर्मियों तथा यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पर रही है जिससे जनकपुरधाम जाने वाले यात्रियों में बहुत रोष व्याप्त है
ज्ञात हो कि सात दिवसीय राम जानकी विवाह महोत्सव की शुरुआत 23 नवम्बर को ही जनकपुरधाम स्थित प्रसिद्ध जानकी मंदिर में हो चूकि है और उत्तराखंड सरकार के पर्यटन मे श्री सतपाल महाराज के नेतृत्व में अयोध्या से करीब 60 हजार लोग राम बारात में शामिल होकर जनकपुर पहुँचने का कार्यक्रम है। इसके साथ ही विवाह महोत्सव में बिहार समेत कई राज्यों के सांसद विधायक के भी जनकपुर पहुँचने की सूचना हैं
भारत नेपाल संबंध के जानकारों के अनुसार राम जानकी विवाह महोत्सव एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एबम सांस्कृतिक कार्यक्रम है जिसमे देश विदेश के लाखों श्रधालु शामिल होते हैं और अधिकांश श्रधालु जयनगर जनकपुर रेल का ही उपयोग करते हैं। विगत दो वर्षों से कोविड लॉकडॉन के कारण भव्य रूप से नही आयोजित किया जा रहा था लेकिन इस बार जानकी मंदिर प्रबंध समिति तथा नागरिक समाज द्वारा विवाह पंचमी महोत्सव काफी भव्य रूप में आयोजित हो रहा है लेकिन पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण आयोजन में रंग में भंग डालने का प्रयास हो रहा है। जानकारों के मुताबिक विवाह पंचमी महोत्सव में नेपाली रेलवे का बिजली कनेक्शन काटना बहुत ही असंवेदानशीलता का परिचायक है। विवाह पंचमी के बाद नेपाल रेलवे के महाप्रबंधक के साथ बैठक करके बिजली विभाग को इस समस्या का समाधान करना चाहिए था. राम जानकी विवाह पंचमी महोत्सव के दौरान जब प्रति दिन हजारों की संख्या में लोग जनकपुर जाने के लिए जयनगर पहुँच रहे हैं, इस स्थिति में बिजली कनेक्शन काटना घोर लापरवाही है , तथा बिजली विभाग को अविलंब नेपाली रेलवे स्टेशन पर बिजली बहाल करना चाहिए। विवाह पंचमी महोत्सव का समय बिजली काटने का उचित समय नही है। बिजली विभाग को बिजली कनेक्शन काटने से पूर्व नेपाल रेलवे के साथ समन्वय बैठक कर बकाया राशी भुगतान करने वाली समस्या का समाधान करना चाहिए था क्योंकि नेपाल हमारा निकट पड़ोसी और मित्र राष्ट्र है. अंतराष्ट्रीय मामला होने के कारण बिजली विभाग को थोड़ी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।

जानकारों की माने तो इस मामले में नेपाल रेलवे के कर्मचारियों की भूमिका भी काफी गैरजिम्मेवाराना रही है। बिजली विभाग के कर्मचारी जब बिजली बिल देने जाते हैं तो उन्हे बिल प्राप्त कर अपने उच्चाधिकारियों से सम्पर्क कर मामले के समाधान का प्रयास करना चाहिए था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्यों? क्या यह उनके द्वारा कर्तव्य में लापरवाही नही है?? आज उनकी लापरवाही के कारण लाखों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पर रहा है. यह बिल्कुल ही समझ से परे है कि नेपाल रेलवे के पदाधिकारी और कर्मचारी, बिहार के बिजली विभाग के पदाधिकारी से मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते थे लेकिन उन्होंने कोई प्रयास नही किया और नेपाली रेलवे स्टेशन की बिजली को कट जाने दिया यह जानते हुए भी कि इससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है?
नेपाल रेलवे से जुड़े कुछ खास लोगों के अनुसार इस तरह की लापरवाही जानबूझकर बरती जा रही है ताकि देर सवेर इस जयनगर- जनकपुर कुर्था रेल सेवा को भाड़ी घाटा में दिखा कर इसे बंद किया जा सके। क्योंकि चीन समर्थक नेपाल के कुछ नेताओं और नेपाल रेलवे के कर्मचारीयों को भारत नेपाल के बीच बढ़ती निकटता और प्रगाढ़ होता संबंध पच नहीं रहा है और वही लोग जैसे तैसे इस ट्रेन सेवा पर ग्रहण लगाना चाहते हैं। नेपाल में इस तरह के कई लोग हैं जो कुछ दिनों से यह प्रचारित करने में लगे हैं कि जयनगर जनकपुर रेल सेवा से नेपाल को प्रति महिना लाखों का घाटा हो रहा है, इस रेल सेवा से नेपाल को कोई आर्थिक फायदा नही हो रहा है जबकि सच में ऐसा नहीं है। जब भी जयनगर से जनकपुर या फिर जनकपुर से जयनगर आने जाने वाली ट्रेन को देखा जाता हैं तो गाड़ियों में भारी भीड़ देखी जाती है, तिल रखने की जगह नहीं रहती हैं लोग खड़े होकर सफर करने को विवश होते हैं। प्रतिदिन पाँच से छह हजार यात्री इसमें सफर करते हैं फिर भी इस रेल सेवा को घाटे का सौदा बताना समझ से पड़े है।
नेपाल रेलवे के महाप्रबंधक् निरंजन झा तथा भौतिक योजना तथा पूर्वाधार विकास मंत्रालय को अविलंब भारत सरकार के साथ समन्वय करके बिजली वाले बकाया बिल तथा अन्य और भी जो मुद्दे हैं उसका समाधान जल्द करना चाहिए अन्यथा भारत नेपाल को जोड़ने वाला यह एकमात्र रेल सेवा ड्रैगन के साजिशों का शिकार हो सकता है।
ज्ञात हो कि आगामी 28 नवम्बर को प्राचीन मिथिला की राजधानी जनकपुर मे भव्य राम जानकी विवाह पंचमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। भारत नेपाल मित्रता के समर्थकों का कहना है कि विवाह पंचमी महोत्सव को देखते हुए नेपाली रेलवे स्टेशन पर अविलंब बिजली की आपूर्ति पुनः बहाल किया जाना चाहिए।

