गरीब का अंत नहीं, गरीबी का करे
काठमांडू, १३ मंसिर –

जिस बालेन के मेयर बनने पर सभी ने एकमत में खुशी जाहिर की थी उसी बालेन के विरोध में आज थापाथली स्थित सुकुमबासी नारे लगा रहे हैं । यह भी कहा जा रहा है कि वो गरीबों को अपना निशाना बना रहे हैं । लेकिन क्यों ? जिस बालेन से लोगों ने उम्मीदे लगा रही थी वो बालेन क्यों केवल और केवल गरीबों को ही सता रहा है ? हाँ ये जरुर है कि हम एक अच्छे शहर, एक स्वच्छ शहर की तलाश में है लेकिन जहाँ सभी तबके के लोग रह सके एक साथ हम ऐसा एक शहर बसाना चाहते हैं । बालेन यह क्यों नहीं सोच रहें हैं कि लाखों लोगों के मत से वो जीतकर यहाँ तक पहुँचे हैं तो अगर सभी की एक साथ बददुआ लगेगी तो क्या होगा ? जबसे नगरपालिका ने डोजर चलाना शुरु किया है सभी परेशान हैं । सुकुमबासी भले ही विरोध कर रहे हैं, नारे लगा रहे हैं, झगड़ा कर रहे हैं मगर अंदर ही अंदर डरे और सहमे भी हैं वे लोग । बहुत लोग उलझना नहीं चाहते । वो लोग चुपचाप अपना सामान बांध रहे हैं । उन्हें डर है कि कही सामान रहते ही उनके टहरे पर डोजर न चला दिया जाए । क्योंकि कल भी वो अपना सामान नहीं निकाल पाए थे ।
बालेन के पद पर आने के बाद हर कोई चाहे गरीब तरकारी बेचने वाला हो, फलफुल बेचने वाला हो, या सड़क के किनारे बैठ काले कम्बल में लिपटे मकै बेचने वाला हो । सबपर डोजर चलाया गया । ये वो लोग हैं जो दिनरात मेहनत करके दो वक्त की रोटी खाते हेैं । आपने अपने चुनावों में इनका पूरा प्रयोग किया है और आज जब वो रहने के लिए घर चाहिए या वो जहाँ रहे हैं पिछले २५ वर्षो से वहाँ बिना कुछ तय किए कैसे हटाया जा सकता है ? वो कहाँ जाऐंगे । पहले एक जगह सुरक्षित कर, विकल्प तैयार करें फिर डोजर चलाए । गरीब का अंत नहीं गरीबी का करें ।

