महात्मा मुनीनन्द्र साहेब की 32वीं पुण्य तिथि शनिवार को संपन्न, कार्यक्रम में जुटे भारत नेपाल के शिष्य

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । कवीर पंथ के महान साधक महात्मा मुनीनन्द्र साहब की 32बीं पुण्य तिथि शनिवार को मधुबनी जिला के अड़ेर में मनाया गया। इस अवसर पर भारत के प. बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ तथा नेपाल से बडी संख्या में उनके शिष्य अड़ेर पहुंचे तथा उनके समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महात्मा मुनीनन्द्र साहव का मानना था कि आप ईश्वर से साक्षात्कार कर सकते हैं। इसके साधना की जरूरत है। भीतर आपको प्रकाश पुंज के रुप में इनका साक्षात कर सकते हैं। उनके निधन के बाद उनके विचारो को राम राज साहब बढा रहे है। गृहस्थ जीवन में रहकर साधना कर सकते है। उनके लौकिक पुत्र जगजीवन दास हाईस्कूल से हेडमास्टर से रिटायर्ड हुएहै। बड़े पौत्र जय प्रकाश दास कारा विभाग के बड़े पदाधिकारी से अवकाश लिए है। छोटे पौत्र पुलिस महानिदेशक हैं। मंझले पौत्र कॉनभेंट चला रहेहै। इनके शिष्य भारत के अलावा कनाडा तथा अन्य राष्ट्रों में हैं। पुण्य तिथि के अवसर पर भजन तथा साधना के साथ वृहत भंडारा का भी आयोजन किया गया था।

