सुरमाण्डु मे कवि इन्दुप्रकाश के “तस्विर” का लोकापर्ण
१०,मार्च २०१४, काठमाण्डू । याक और यति होटल लाल दरबार हल मे आयोजित सुरमाण्डु के तीसरे संस्करण में पंडित इंदु प्रकाश त्रिवेदी के नेपाली गजल एलबम “तस्विर” का लोकापर्ण किया गया । वीपी कोइराला भारत–नेपाल प्रतिष्ठान और माइपोखरी म्युजिक एण्ड मिडिया प्रालिलिमिटेड व्दारा संयुक्त रुप मे आयोजित किये गये कार्यक्रम मे गजल संग्रह “तस्विर” लोकापर्ण के लिये नेपाल के लिये भारतीय राजदूत श्री रणजीत राय प्रमुख अतिथि तथा नेपाल के राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे विशेष अतिथि थे ।
हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगित के पारंगत पंडित इन्दुप्रकाश उस्ताद नसीर अहमद खाँ, उस्ताद इक्वाल अहमद खाँ और उस्ताद सिद्धिक अहमद खाँ के चेला माने जाते हैं । वे मुरादावाद घराना से संलग्न हैं । भारत के कइ गजल और भजन के सर्जक इन्दुप्रकाश ने अपने प्रशंसको के बीच पहला नेपाली गजल संग्रह का लोकापर्ण किया ।
भारतीय राजदूत रणजीत राय ने इन्दुप्रकाश को बधाई देते हुये कहा कि नेपाल और भारत ने सताव्दीयों से कला और संगीत की कलाकारी का आदान प्रदान करते आया है । राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे ने गायक को बधाई देने के साथ-साथ सफलता की कामना की ।
सपना बन नामक शीर्षक मे राष्ट्रकवि घिमिरे का भी शव्द है । ‘मनमा दियो, नयनमा आशु, धुवाँ बनाइदियौ, आधारातमा, एक्लिएर, तिम्रो मनका, नबोलेरै धेरै कुरा और किन तरेका आँखा’ “तस्विर” के अन्य शीर्षक है ।
गजल संग्रह “तस्विर” मे इन्दुप्रकाश के साथ गायिका उर्मिला महत की भी आवाज है । कार्यक्रम के अन्त मे प्रत्यक्ष प्रस्तुति के तहत इन्दुप्रकाश और उर्मिला महत ने श्रोताओं का मनोरञ्जन किया ।

