वल्र्ड मार्सल आर्ट पीस कप में नेपाली खेलाडीयों को विदाई
काठमाडू (नेपाल) पवन जायसवाल, चैत्र ३ गते ।
थाईल्याण्ड के चङमाई शहर में वल्र्ड तङ्ग–इल मो–दो फेडेरेसन के आयोजन में होने वाला अन्तर्राष्ट्रीय ‘वल्र्ड मार्सल आर्ट पीस कप’ प्रतियोगिता में सहभागी होने वाले तङ्ग–इल मो–दो के खेलाडीयों को विदाई की गइ है ।
पीस एम्बेसी बिल्डिङ नक्साल काठमाण्डौं में आयोजन किया गया कार्यक्रम में राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के खेलक्रूद बिकास विभाग के प्रमुख प्रकाशचन्द्र घिमिरे ने खेलाडीयों को विदाई किया ।
१३ नेपाली खेलाडियों ने सहभागिता मे भाग लेंगे । प्रतियोगिता में एसिया के २० से अधिक देशों के खेलाडियों की सहभागिता रहेगी ।
खेलाडियों की बिदाई कार्यक्रम में बोल्ते हुयें कहा कि राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् के खेलकूद विकास विभाग के प्रमुख प्रकाशचन्द्र घिमिरे ने खेलाडियों राष्ट्र के गहना ही नही बल्कि राष्ट्र की शक्ति के रुप में भी है । नेपाली खेलाडीयों ने देश का नाम को उच्च रखने में सफल होने में आशावादी होते हुयें भी
हार हर समय अपना साथ रहता है जीत के लियें प्रतिस्पर्धा करने के लिये सभी खेलाडीयों से आग्रह भी किया ।
उन्हों ने कहा खेल में सहभागी होने वाले खेलाडियों ने देश के प्रतिनिधित्व करते हुये सहभागिता जनाने वाले अपने देश को अन्तराष्ट्रीय स्त्तरों में पहचान कराने अवसर के रुप में सदुपयोग करने के लिये भी खेलाडियों से आग्रह किया । खेल में सहभागी खेलाडीयों ने मेडल प्राप्त करेंगे तो राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् से नगद के साथ सम्मान करने की घोषणा भी किया । लेकिन नगद कितना से सम्मान करेंगे वह उल्लेख नही किया गया । सभी खेलाडियों को सफलता की शुभकामना दिया ।
कार्यक्रम में तङ्ग–इल मो–दो संघ नेपाल के उपाध्यक्ष ईश्वर भट्ट, महासचिव सूर्य भट्टराई, सचिव विष्णु गिरी सदस्य, सरिता पौडेल लगायत लोगों ने तङ्ग–इल मो–दो को सातवीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगीता में सहभागी कराने के लियें राष्ट्रिय खेलकूद परिषद् से माँग भी किया । तङ्ग–इल मो–दा के खेलाडियों ने मेडल जीतकर लाने के लिये दावा करते हुये खेलाडियों को सफलता की शुभकामना दिया ।
“वल्र्ड मार्सल आर्टस् पीस कप” प्रतियोगिता में आने वाला मार्च महीने के २१ तारीख से ३१ तक थाइल्याण्ड के चङमाई शहर में होने जा रहा है । जिस में सहभागी होने जा रहे खेलाडीयों में दीपक बाँस्तोला, सुनीता चौधरी, उमा लामा, मान बहादुर थापा, तेज बहादुर सिंह, इन्द्रदेव चौधरी, राम बहादुर थोकर, लक्ष्मण थोकर, सुरेश रानामगर, आर्यन राई, मनदीप तिवारी, विक्रम मोक्तान और दीपेन्द्र ठाकुर रहे हैंक ।
खेल के माध्यमों से युवावर्ग में नैतिक शिक्षा देने के लिये भी तङ्ग–इल मो–दो सफल होते जा रहा है और इस के अलावा यह खेल ‘शान्ति के लिये मार्सल आर्ट’ की अवधारणाओं से खेलने वाला खेल है । नेपाल में तङ्ग–इल मो–दो संघ ने जो छोटे समय में ही राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक तथा खेलाडीयों को उत्पादन करने मे सफल खेल है ।
नेपाल में तङ्ग–इल मो–दो आया अभी ज्यादा दिन भी नही हुआ है । लेकिन इतना छोटा समय में भी यह खेल अधिक युवाओं के बीच में एकदम लोकप्रिय होते गया है । गत वर्ष मात्र राष्ट्रीय खेलकुद परिषद् में दर्ता हुआ तङ्ग–इल मो–दो के प्रति युवाओं के बीच आकर्षण बढते जा रहा है ।
सन् १९७९ में कोरियाली नागरिक जुन हो सुक ने तङ्ग–इल मो–दो का पहली बार ही शुरुवात किया था । उन्हों ने डा. सन् म्योङ्ग मुन के उत्प्रेरणाओं से यह खेल का शुरुवात किया था । यह खेल पहली बार अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय से ही शुरु हुआ है युनिभर्सल टाइम्स् साप्ताहिक काठमाण्डौं ककके प्रधान सम्पादक बिष्णु गिरी “निश्चल” ने बताया ।
यूनिभर्सल पिस फेडेरेसन मध्यपश्चिमाञ्चल क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक रुपसिंह भण्डारी के अनुसार मध्यपश्चिमाञ्चल क्षेत्र के दैलेख जिला के मनोज कुमार थापा और दाङ जिला के इन्द्र देव चौधरी भी े खेलाडीयों की टिम में सामिल है ।

