एकता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति का संदेश
काठमांडू, २७ पुस –
राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने कहा कि पृथ्वीनारायण शाह के दिव्य उपदेश अभी के सन्दर्भ में भी उतनी ही मनन करने योग्य है । पृथ्वीनारायण शाह के ३०१ वें जन्मजयन्ती तथा राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुभकामना सन्देश देते हुए उन्होंने कहा कि –तत्कालिन समय में पृथ्वीनारायण द्वारा किए गए एकीकरण अभियान के आधारभूमि में, आज के सार्वभौम, स्वतन्त्र, समावेशी, लोकतान्त्रिक गणतन्त्र नेपाल तक की यात्रा तय करने में सफल होने का उल्लेख किया है ।
राष्ट्रपति ने शुभकामना सन्देश में कहा है कि – स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर अर्थतन्त्र का निर्माण करना, जनता को अधिकार सम्पन्न बनाकर राज्य के साथ अपनत्व के भाव कायम रखने तथा कुशल परराष्ट्र सम्बन्ध सञ्चालन करने समेत के बहुआयामिक क्षेत्र में हम पृथ्वीनारायण शाह के उपदेशों को सर्वकालिक सन्दर्भ सामग्री के रूप में ले सकते हैं ।
तत्कालिन समय में रहे छोटे–छोटे राज्यों को एकीकरण से आधुनिक नेपाल राष्ट्र के निर्माण होना हमारे इतिहास को विशिष्ट एवं गौरवपूर्ण अध्याय होने का भी उन्होंने उल्लेख किया है । उन्होंने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया है कि –तत्कालीन गोरखा के राजा पृथ्वीनारायण शाह द्वारा शुरु किए गए नेपाल निर्माण के अभियान को दशकौ तक हमारे वीर पुरखों द्वारा आगे बढ़ाने के ही कारण नेपाल की स्वतन्त्र और सार्वभौम अस्तित्व कायम रह सकी है और इसका ऐतिहासिक यथार्थ हम सभी को आत्मसात करनी होगी ।
राष्ट्रिय एकता दिवस ने देश की स्वतन्त्रता, सार्वभौमिकता, भौगोलिक अखण्डता और राष्ट्रीय एकता को अक्षुण्ण रखकर जनता के सुख और समृद्धि हासिल करने प्रेरणा प्राप्त हुने विश्वास भी राष्ट्रपति ने व्यक्त की है ।

