हमने मधेश आंदोलन में हुए शहीदों का अपमान नहीं किया है –राजेन्द्र लिङ्देन
काठमांडू, ७ माघ –
उपप्रधानमन्त्री तथा ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिचाई मन्त्री राजेन्द्र लिङ्देन ने कहा कि ५ गते माघ में सांसद सीके राउत ने मौन धारण करने को कहा बहुत से सांसदों ने उसे मानकर मौन धारण किया और बहुत से सांसदों के साथ वो भी नहीं खड़े हुए उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस आधार पर मधेश आन्दोलन के शहीद को सम्मान नहीं किया है यह कहना उचित नहीं होगा । शनिवार प्रतिनिधिसभा कीे बैठक में बोलते हुए उन्होंने संसद में सभामुख के अलावे किसी और की रुलिङ नहीं चलेगी ।
उक्त दिन संसद में बोलने के क्रम में जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत ने मधेश आन्दोलन के शहीद की याद में सभी सांसदों को उठकर मौन धारण करने का आग्रह किया था । उस समय प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड, उपप्रधानमन्त्री राजेन्द्र लिङ्देन सहित के कुछ सांसद नहीं भी खड़े हुए थे लेकिन उपप्रधानमन्त्री तथा गृहमन्त्री रवि लामिछाने और कुछ सांसद खड़े हुए थे ।
राप्रपा के अध्यक्ष रहे उपप्रधानमन्त्री लिङ्देन ने उक्त दिन नहीं उठने में मधेश आन्दोलन के शहीद के सम्मान नहीं करने का अर्थ नहीं लगाना चाहिए ।
संसद की मर्यादा होती है वहाँ रुलिङ सभामुख की चलती है, मैं भावना में बहकर संसद की परम्परा को छोड़ना नहीं चाहता और वह अच्छा भी नहीं होता । आगे उन्होंने कहा कि या तो सभामुख को रुलिङ करना चाहिए या फिर मेरे प्रधानमन्त्री को उठना चाहिए ।
उपप्रधानमन्त्री लिङ्देन ने कहा कि संसदीय मर्यादा भंग नहीं हो यह सोचकर नहीं उठा । इसका मतलब यह हरगिज नहीं कि हमने मधेश आंदोलन में हुए शहीद का अपमान किया है । अगर यह कोई कह रहा है तो बिल्कुल गलत है ।


