जय श्री राम घोष के साथ देव शीला अयोध्या के लिए प्रस्थान

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । सोमवार को सुवह पूजा आरती के बाद देव शालिग्राम शिला अयोध्या के लिए प्रस्थान कीं। जानकी मंदिर से रामानंद चौक मुरली चौक, हनुमान गढी, रुपैठा, देवपुरा, गांगुली, नगराइन, जटही तक 14 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब तीन घंटा से अधिक समय लगा। रास्ते में गाजा बाजा के साथ बड़ी संख्या में लोग पुष्प वृष्टि के साथ स्वागत किया। महिला छत से फूल अक्षत फेंक कर स्वागत किया। रूपैठा में शिला पर 51किलो मीटर माला चढाया। जटही पहुंचने भाजपा के बिधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल, मधुबनी भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र यादव, मधवापुर के मुखिया राजेश कुमार साह, सरपंच बलराम मिश्र, गौरी शंकर मिश्र सहित कई नेता तथा विश्व हिन्दू परिषद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य ने नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता बिमलेन्द्र निधि, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, बिश्व हिन्दु परिषद के महा मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज, नेपाली कांग्रेस के क्षेत्र तीन धनुषा के सभापति धीरेन्द्र कुमार निधि, सचिव हरि राउत, नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता गणेश तिवारी, नेपाली कांग्रेस के नेता नवीन चन्द्र झा सहित जनकपुरधाम से आये अतिथियों को अंग बस्त्र, रामायण देकर स्वागत किया।
पिपरौन में स्वागत समारोह के बाद संक्षिप्त भाषण में पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के नेता बिमलेन्द्र निधि ने कहा कि भारत तथा नेपाल का संबंध रामायण काल से ही। नेपाल काली गंडकी की शालिग्राम शिला से भगवान रिम सीता की प्रतिमा स्थापित होने से दोनो देशो के बीच और रिश्ता मजबूत हुयी है। पिपरौन से जटही तक सिक्स लेन के लिए भारत सरकार से बात हो चुकी है।
रास्ते में भारतीय सीमा तक नेपाल सरकार ने कड़ी सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया था।

