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मिथिला के लाल प्रभात कुमार ने मिथिला का झंडा समूचे देश में बुलंद किया

 


जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत पिछले वर्ष ‘यूनिटी इन क्रियेटिविटी कंटेस्ट’ का आयोजन किया गया था। जिसमें देशभक्ति विषय-वस्तु के आधार पर रंगोली बनाने, देशभक्ति गीत और लोरी लिखने के लिये अखिल भारतीय स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया था। तीनों ही प्रतियोगिताओं में देश भर से कुल 5 लाख 60 हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया था। लगभग साल भर बाद जिला, राज्य और देश स्तर पर अलग-अलग 3-3 जूरी के समूहों द्वारा किये गये अंकेक्षण के औसत के आधार पर विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। देश भर में राष्ट्रीय स्तर पर कुल 16 प्रतियोगियों ने सफलता पाई है। राज्य स्तर पर कुल 272 और जिला स्तर पर कुल 4,472 प्रतियोगी सफल हुए हैं।

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जगत जननी माँ जानकी की धरती सीतामढ़ी जिला के चोरौत गाँव के निवासी स्वo भवानन्द पाठक व श्रीमती प्रभा पाठक के पुत्र प्रभात कुमार ने देशभक्ति व लोरी लिखने की प्रतियोगिता में भाग लिया था। प्रभात कुमार ने दोनों ही प्रतियोगिताओं में सीतामढ़ी जिला में अलग-अलग प्रथम स्थान व बिहार राज्य स्तर पर अलग-अलग द्वितीय स्थान हासिल कर न सिर्फ चोरौत गाँव का बल्कि पूरे सीतामढ़ी जिला का नाम देश भर में रौशन किया है। प्रभात कुमार ने देशभक्ति गीत (भारत माँ केर वीर सपूत, उठि नव निर्माण करू।) और लोरी (सूति रहू-सूति रहू बौआ, उठि देश कें करब सेवा।) दोनों को ही अपनी मातृभाषा मैथिली भाषा में लिखकर भेजा था।

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प्रभात कुमार विज्ञान और कम्प्यूटर के छात्र रहे हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रभात कुमार शिक्षक, लेखक, स्तंभकार, कवि, गीतकार के साथ-साथ विलुप्त हो रही मिथिलाक्षर लिपि के संरक्षण व संवर्द्धन की मुहिम के सक्रिय अभियानी भी हैं। प्रभात कुमार एक सामाजिक संस्थान ‘प्रभात नव चेतना समिति’ के संस्थापक व सचिव भी हैं तथा कला व संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। रविवार, 5 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित किये गये भव्य “ग्रैण्ड फिनाले” में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय व विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी द्वारा प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर प्रभात कुमार को सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने परिजनों के साथ दोनों ही पुरस्कारों को ग्रहण किया। मंत्रालय के द्वारा उन्हें दोनों ही राज्यस्तरीय पुरस्कार के लिये अलग-अलग 75-75 हजार रुपये भी दिये जाएँगे। प्रभात कुमार ने इस सम्मान को अपने स्वर्गीय पिता को समर्पित किया है।

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प्रभात कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिलने के बाद उनके परिजनों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों, जिला सहित समूचे मिथिलावासियों में खुशी की लहर है।

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