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सत्ता पर कब्जे की सोच ने माओवादी आंदोलन को विघटन की कगार पर पहुँचायाः एमाले उपाध्यक्ष पौडेल

 
विष्णु पौडेल, फाईल तस्वीर

काठमांडू, २९ अप्रैल । नेकपा एमाले के उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेल ने आरोप लगाया है कि पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ की सत्ता पर कब्जा करने की सोच और उग्र वामपंथी उकसावे के कारण माओवादी आंदोलन आज विघटन की अवस्था में पहुँच गया है । बुधवार को आयोजित २७वें यदु स्मृति दिवस एवं २४वें यदु स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही ।
पौडेल ने कहा कि अब प्रचण्ड में कम्युनिस्ट आंदोलन का नेतृत्व करने की क्षमता भी नहीं बची है । उन्होंने २०६६ साल में तत्कालीन प्रधान सेनापति रुक्माङ्गद कटवाल को हटाने के सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एमाले ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था । उनके अनुसार, सरकार से बाहर निकलने की चेतावनी के बावजूद प्रचण्ड ने अपना हठ नहीं छोड़ा, जिसके चलते अंततः उन्हें सरकार का नेतृत्व ही गंवाना पड़ा ।
उपाध्यक्ष पौडेल का तर्क था कि माओवादी शांति प्रक्रिया में आने के बाद भी लोकतांत्रिक प्रणाली को पूरी तरह आत्मसात नहीं कर सके और सत्ता कब्जÞे की मानसिकता नहीं छोड़ पाए । इसी कारण आज उस पार्टी का अस्तित्व संकट में पड़ गया है ।
उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बल पर ही राजतंत्र का अंत हुआ और गणतंत्र की स्थापना संभव हुई, जबकि हिंसा के रास्ते से कोई उपलब्धि हासिल नहीं होती । पौडेल ने कहा, “उस समय प्रचण्डजी ने सेनाप्रमुख को हटाकर अपने अनुकूल व्यक्ति को बैठाने के जÞरिये सत्ता कब्जा करने की रणनीति बनाई थी । हमने बार–बार चेताया कि यह रास्ता आत्मघाती होगा, लेकिन उन्होंने नहीं माना ।”
उनका दावा है कि आज माओवादी संगठन का अस्तित्व लगभग समाप्तप्रायः हो चुका है ।

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