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चोरौत के प्रभात कुमार को बधाई देने वालों का ताँता

 


जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत यूनिटी इन क्रियेटिविटी कन्टेस्ट’ का आयोजन अखिल भारतीय स्तर पर किया गया था। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतियोगिता के ‘लोरी’ और ‘देशभक्ति गीत’ लिखने की प्रतियोगिता में भाग लेकर चोरौत प्रखंड मुख्यालय के निवासी स्वo भवानन्द पाठक व श्रीमती प्रभा पाठक के पुत्र प्रभात कुमार ने दोनों ही प्रतियोगिताओं में कुल 5 लाख 60 हजार प्रतिभागियों के बीच जिला स्तर पर चयनित देश भर में कुल 4,472 प्रतिभागियों में अलग-अलग सीतामढ़ी जिला में प्रथम और राज्य स्तर पर चयनित देश भर में कुल 272 प्रतिभागियों में बिहार राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर जगत जननी माता जानकी की धरती सीतामढ़ी को गौरवान्वित करने का काम किया है।

इस सफलता के बाद राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में रविवार, 5 फरवरी को संपन्न हुए भव्य ‘ग्रैण्ड फिनाले’ में संस्कृति व विदेश मंत्रालय,भारत सरकार में राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी जी ने उन्हें प्रमाण पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। प्रभात कुमार ने अपनी पुत्री सुश्री अभिलाषा प्रार्थी के साथ दोनों ही पुरस्कारों को बारी-बारी से ग्रहण किया। इस पूरे प्रतियोगिता में प्रभात कुमार अकेले व्यक्ति हैं जिन्हें दोहरा सम्मान मिला है। इसके लिए उन्हें माननीया केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी जी ने भी विशेष बधाई व शुभकामनाएं दी।

प्रभात कुमार ने देशभक्ति गीत (भारत माँ केर वीर सपूत, उठि नव निर्माण करू।) और लोरी (सूति रहू-सूति रहू बौआ, उठि देश कें करब सेवा।) दोनों को ही अपनी मातृभाषा ‘मैथिली’ भाषा में लिखकर भेजा था।

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प्रभात कुमार विज्ञान और कम्प्यूटर के छात्र रहे हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रभात कुमार शिक्षक, लेखक, स्तंभकार, कवि, गीतकार के साथ-साथ विलुप्त हो रही मिथिलाक्षर लिपि के संरक्षण व संवर्द्धन की मुहिम के सक्रिय अभियानी भी हैं। प्रभात कुमार एक सामाजिक संस्थान ‘प्रभात नव चेतना समिति’ के संस्थापक व सचिव भी हैं तथा कला व संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

प्रभात कुमार शौकिया लिखते हैं। लेकिन राजधानी दिल्ली से छपने वाली मासिक पत्रिका ‘हिन्द मत’ और त्रैमासिक ‘सेलेब्रेटिंग लाइफ पत्रिका’ में अब तक इनके लिखे दर्जनों आलेख, लघु नाटक, कविता आदि छप चुके हैं। प्रभात कुमार ने अपनी दोनों ही रचनाएँ मैथिली भाषा में लिखकर भेजी थी। मैथिली भाषा के साथ आगे बढ़कर राष्ट्रीय फलक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद युवा पीढ़ी में मैथिली व अपनी मातृभाषा के प्रति सोच बदल सकती है।

राष्ट्रीय स्तर के इस सफलता के बाद प्रभात कुमार के पास बधाई देने वालों का ताँता लग गया है। सीतामढ़ी के नगर विधायक श्री मिथिलेश कुमार व श्री विनय कुमार, उप-विकास आयुक्त, सीतामढ़ी ने उन्हें व्हाट्सएप्प संदेश के माध्यम से बधाई संदेश प्रेषित किया। वहीं श्री ललित कुमार सिंह, भूमि सुधार उप-समाहर्ता, पुपरी ने उन्हें फोन कर बधाई व शुभकामनाएं दी।

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ऑस्ट्रेलिया से सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती मंजूला झा और दक्षिण अमेरिका से मिथिला रत्न श्री अजय झा जी ने उन्हें फोन करके बधाई दी तो दक्षिण अफ्रीका से उनके ग्रामीण हरे राम ठाकुर जी ने उनको विशेष बधाई संदेश भेजा।

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“आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चोरौत के श्री प्रभात कुमार को देशभक्ति एवं लोरी लेखन के क्षेत्र में सम्मानित किया जाना युवा पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन है ताकि आने वाले समय में वे भी राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित कर सकें।” – श्री ललित कुमार सिंह, भूमि सुधार उप-समाहर्ता, पुपरी

“ऐसी सफलता मेरे लिये जीवन बूस्टर के समान है। यदि इसी तरह 2-3 और उपलब्धि हासिल कर लिये तो मैं जीवन का शतकीय पारी कब लगा दूँगा, पता भी नहीं चलेगा। तुम्हारी सफलता के लिए मैं निःशब्द हूँ।” – 78 वर्षीय श्री परमानन्द पाठक, प्रभात कुमार के चाचा व सेवानिवृत्त अधिकारी, माप-तौल विभाग, पटना

“साहित्य व संस्कृति के प्रति प्रभात जी की सच्ची लगन व उनकी कर्मठता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। उन्हें अभी बहुत कुछ करना है। यह नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य के संकेत मात्र हैं।” – दिवाकर कुमार, फिल्म अभिनेता, मुम्बई

“प्रभात की इस सफलता ने पूरे मिथिला के झंडे को दिल्ली की छाती पर गाड़ने का काम किया है। आगे चलकर मिथिला के युवाओं के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।” – मिथिला रत्न श्री अजय झा, सफल व्यवसायी, दक्षिण अमेरिका

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“इस सफलता के माध्यम से प्रभात ने गाँव के युवाओं के लिए भविष्य के सपनों के द्वार खोल दिये हैं।” – श्री विश्वनाथ मिश्र, पूर्व जिला पार्षद

“प्रभात कुमार की यह सफलता पूरे गाँव को किसी अच्छे कार्य के लिए राष्ट्रीय मानचित्र पर चर्चा में आने का कारण बन सकी है।” – आलोक कुमार पाठक, वरिष्ठ प्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, मुम्बई

“गाँव के इतिहास में राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की यह पहली सफलता है। यह आनेवाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।” – श्री दीपक कुमार मिश्र, व्यवस्थापक, गुलाबती इंटरनेशनल स्कूल, चोरौत

“प्रभात कुमार की यह सफलता गर्व और हर्ष का समाचार है। इससे पूरे गाँव, जिला, राज्य, मिथिला और मैथिली का नाम गौरवान्वित हुआ है।” – अजय कुमार पाठक, वरिष्ठ आई. टी. प्रोफेशनल

“प्रभात जी ने पूरे गाँव को गौरवान्वित करने का काम किया है। वह सांस्कृतिक विरासत के ध्वजावाहक हैं।” – श्री अरुण कुमार मंडल, लैब टेक्निशियन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्रामीण

“विज्ञान का छात्र रहते हुए साहित्य में प्रभात की बचपन से ही गहरी रुचि रही है। इस सफलता ने समाज को एक अलग संदेश देने का काम किया है।” – श्री संजीव कुमार पाठक, अधिवक्ता, पटना उच्च न्यायालय

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