नेपालगन्ज में गुल्जार–ए– अदब द्वारा नियमित मासिक गजल गोष्ठी का आयोजन
नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में रहें उर्दू साहित्यकारों की संगठन गुल्जार–ए– अदब की आयोजन में नियमित मासिक गजल गोष्ठी माघ २८ गते शनिवार को सम्पन्न हुआ है ।
गुल्जार–ए–अदब बाँके ने प्रत्येक महीने के अन्तिम शनिवार को उर्दू भाषा को प्रोत्साहन करने के लिये मासिक गजल गोष्ठी कार्यक्रम की आयोजन करते आ रही है उसी आनुसार महेन्द्र पुस्तकाल नेपालगन्ज के सभाहाल में साहित्यकारों ने अपनी अपनी गजले वाचन किया । वहगजल गोष्ठी में “चश्म –ए–हैराँ में है माजी का तमाशा अब तक” मिश्ररामा उर्दू साहित्यकारों ने गजल वाचन किया था । नेपालगंज के वरिष्ठ उर्दू शायर तथा गुल्जार–ए–अदब बाँके के अध्यक्ष हाजी अब्दुल लतीफ शौक के अध्यक्षता में, सैयद असफाक रसूल नेपाली, आदील सरवर नेपाली, सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहशन कुरैशी, अव्दुल हयात रसीद, लगायत के उर्दू साहित्यकारों ने गजल वाचन किया था । वह कार्यक्रम में नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके के पूर्व सभापति शुक्रऋर्षि चौलागाई, पत्रकार बीपी अस्तु, महेन्द्र पुस्तकाल के कार्यालय प्रमुख स्वामीदयाल गुप्ता, राम प्रसाद कुम्हार लगायत लोगों की सहभागिता रही थी ।


