जहीन छात्रों को भारतीय दूतावास के विशेष रोल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाएगा
काठमांडू।
भारतीय दूतावास ने 21वां स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति दिवस मनाया। स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति दिवस मनाने के लिए शनिवार को काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 250 से अधिक अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें पिछले वर्ष और इस वर्ष स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्र भी शामिल थे।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की सचिव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) प्रमिलादेवी बज्राचार्य, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डॉ देवराज अधिकारी और नेपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों के उपकुलपति उपस्थित थे। इसी तरह मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रा. डा नन्दबहादुर सिंह , नेपाल मुक्त विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रा. डा. शिलु मानन्धर बज्राचार्य लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. डॉ तिलकराम आचार्य, कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. डॉ पुण्य प्रसाद रेग्मी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में नेपाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न कॉलेजों के डीन और विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों के प्राचार्य भी उपस्थित थे।
अपने भाषण के दौरान, राजदूत श्रीवास्तव ने 21वें बैच के छात्रवृत्ति विजेताओं को बधाई दी और घोषणा की कि आने वाले वर्ष से स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले जहीन छात्रों को भारतीय दूतावास के विशेष रोल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाएगा। प्रतिष्ठित स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति की स्थापना 2002 में भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सहयोग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में की गई थी।
इस योजना की शुरुआत में 50 नेपाली छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई थी। 2007 में, छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई। 2012 से, छात्रवृत्ति की संख्या दोगुनी होकर 200 हो गई है। अब तक नेपाल के 77 जिलों के 3000 छात्र इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।


