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चिनिया“ आपराधिक गतिविधि में वृद्धि

 

अनिल तिवारी :देश में राजनीतिक अस्थिरता होने से नेपाल चीन सम्बन्ध का स्वरूप भी कुछ कुछ परिवर्तित होते जा रहा है । नेपाल की भूमिका देखंे तो कोई खास वात नहीं आती लेकिन नेपाल के साथ चीन का जो सम्बन्ध है उस में चिनिया दादागिरी पर्ूण्ा दबाबमूलक प्राथमिकता के साथ आगे आ रही है । नेपाल और चीन के बीच औपचारिक दौत्य सम्बन्ध कायम होने के बाद वैसे तो तनाव की घटना प्रायः नहीं दिखती इस के मूल कारण में सम्बन्ध को अनावयश्क रूप मे क्यों बिगाडÞा जाए, ऐसा नेपाल का

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दृष्टिकोण ही कारण है । लेकिन नेपाल भ्रमण में आए चिनी कम्यूनिष्ट पार्टर्ीीे वरिष्ठ अधिकारी तथा नेताओं का राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलना जुलना अपना खास महत्व है । क्योंकि इसे खास कर चिनी कम्यूनिष्ट पार्टर्ीीे सम्बन्ध को जोडÞ दिया जाता है । इसी सर्न्दर्भ में देखा जाए तो नेपाल में चिनिया लोगों की आपराधिक गतिविधि बढÞते जा रही है । कुछ वर्षइधर नेपाल में चिनिया लोग भारतीय जाली नोट, हाथहथियार के कारोबार, लागू पदार्थ, विदेशी मुद्रा, सोने की तस्करी से लेकर अवैध कल बाइपास, ठगी आदि गम्भीर गतिविधियो मंे सक्रिय रहते आए हैं ।
महानगरीय प्रहरी परिसर हनुमान ढोका ने गत चैत्र २२ गते ६ करोडÞ रूपए बराबर के विभिन्न देशों की मुद्रा सहित १४ चिनी नागरिकको गिरफ्तार किया था । गिरफ्तार १४ में ८ व्यक्ति बारबार नेपाल आते जाते थे । इस बात की पुष्टि उनकी पासपोर्ट से होती है और ६ व्यक्ति २/३ बार नेपाल आ चुके हैं ।
अनुसन्धान में संलग्न पुलिस अधिकारी के अनुसार यह पकडÞे गए चिनी नागरिक नेपाल से छुपा कर विदेशी मुद्रा ले जाना और चीन से सोने के तस्करी करने वाले गिरोह के सिर्फकुली -भारबाहक) हैं । लेकिन नेपाल और चीन में रहे सोने के तस्कर के प्रत्यक्ष निर्देशन में काम करने वाले एक कुली पकडेÞ जाने पर भी मुख्य अभियुक्तों के बारे में पुलिस प्रशासन की ओर से कुछ भी नहीं किया जाता है । पुलिस ने २३ गते ही पकडÞे गए सबो को आवश्यक कारबाही के लिए राजस्व अनुसन्धान विभाग में भेजा था । लेकिन आधिकारिक दुभाषिया के अभाव में बयान का काम नहीं हो सका ।
काठमांडू के पुलिस प्रवक्त नायव उपरीक्षक अर्जुन चन्द ने कहा कि विदेशी नागरिक जब पकडÞे जाते हैं तो उनके बारे मे सम्बन्धित दूतावास को खबर दी जाती है । उन के अनुसार अन्य देशों की तुलना में जब कोई चिनियां नागरिक पकडÞा जाता है तो दूतावास के कर्मचारी अपेक्षाकृत ज्यादा ही सक्रिय हो उठते हैं । पुलिस स्रोत के अनुसार काठमांडू और पोखरा जैसे पर्यटकीय शहर में चिनियाँ गतिविधि के साथ ही आपराधिक संलग्नता भी व्यापक रूप मे बढÞ रही है ।
अवैध विदेशी मुद्रा के साथ पकडे गए चिनियों को कारबाही से बचाने के लिए नेपाल स्थित चिनी दूतावास नें सक्रियता दिखाई । इस से जेनेभा सन्धि के विपरीत कार्य चिनी दूतावास द्वारा हो रहा है । इस बात को कोई नकार नहीं सकता ।
उसी तरह महानगरी प्रहरी अपराध महाशाखा की टोली ने २०६८ पौष २४ गते भक्तपुर के जगाती स्थान से १० चीनी नागरिकों को पकडÞा है । और उन्हें छुडÞाने के लिए चिनियाँ दूतावास ने अपनी सक्रियता दिखाई । महाशाखा ने लुह सुजुन, फुगुआन सेङ, चेङ फाङगुन, लङ ली, बु जिआङकोङ, ये हुलान, ली जुनपिङ, याङ जी कोइङ, गु कोएङजेन को ९८ हजार पाँच सौ १५ अमेरिकी डलर और ३२ हजार ८५ चिनियाँ मुद्रा युआन के साथ पकडÞा था । पुलिस ने आवश्यक कारवाही के लिए राजश्व अनुसन्धान विभाग मंे १३ को भेजा था । जिला अदालत भक्तपुर के स्रेस्तेदार की कोठरी में जब कानूनी कारवाही आगे बढÞ रही थी तो उसी वक्त २५-३० की संख्या में चीनियाँ नागरिक वहाँ पहुँच कर तोडÞफोडÞ करने लगे । बाद में पुलिस ने घटना को अपने नियन्त्रण में किया । भक्तपुर पुलिस ने घटना में संलग्न हुआङ ग्यानजोङ और हुआङ योफल दो चिनियाँ को पकडÞा था । लेकिन चिनियाँ दूतावास द्वारा तुरन्त ही काउन्सलर शाखा के काउ चुङछु को भेज कर अपनी जमानत में दोनों को छुडा लिया ।
पुलिस प्रवक्ता गणेश केसी कहते हैं- ‘अपराधी किसी देश नागरिक हो, उसे यहाँ के प्रचलित कानुन अनुसार कारवाही होगी । ‘
चिनियाँ नागरिक ठगी के मामले में भी सक्रिय देखे गए हैं । सरकारी छाप, दस्तखस्त की नकल करते हुए अवैध रूप में अस्पताल सञ्चालन करके विदेश पढÞने के लिए भेजेगे, ऐसा झूठा वादा कर ठगने का काम चिनियाँ नागरिकों से हुआ है । उसी तरह अपराध महाशाखा ने गत पौष में रजिष्ट्रेशन के बिना चाइना सेन लिन नामक सञ्चालन कर अपने को चिकित्सक बताने वाली हेलोङ जिआङकी झ्याङ चाई युन और उसके तिब्बती सहयोगी लोपसाङ को गिरफ्तार किया था । दोनों ने नेपालियों से चाइनिज पिपुल अस्पताल और चाइना सेन्लिन अस्पताल में पढÞने के लिए भेज देंगे, ऐसा कहते हुए लाखों की रकम असूल की । पुलिस की सिआईबी ने अवैध भीओआईपी, लागू दवा तस्करी में नेपाली रूपया और दर्ुलभ जडिबूटी के साथ सात चिनियाँ को गिरप\mतार कर कानूनी कारवाही की थी । सीआईबीद्वारा कपडÞे गए तीन चिनियाँ जिला अदालत काठमांडू के अतिरिक्त न्यायाधीश महमद जुनेद आज के फैसले से जमानत में रिहा हुए थे । व्यूरो के निमित्त प्रमुख एसएसपी उत्तम कार्की बताते हैं कि नेपाल आने वाले चाइनिज की गतिविधि और आवागमन के बारे में अध्यागमन विभाग को विशेष र्सतर्क होना चाहिए । क्योंकि गिरफ्तार होने वालों में चिनियाँ पासपोर्ट लेकर वे लोग एक वर्षके अन्दर अनेकों बार नेपाल आए थे, ऐसा प्रमाणित होता है । र्
पर्यटक भीषा में एक चिनियाँ दर्जनों बार कैसे आता है – यह अध्यागमन से सम्बन्धित विषय है या नहीं – खास कर राजधानी में निचियाँ द्वारा सञ्चालित व्यावसाय का रर्ेकर्ड आधिकारिक रूप से प्रहरी के पास होना जरुरी है या नहीं – कुछ समय इधर से चिनी गतिविधियों में परम्परागत कूटनैतिक से ज्यादा सक्रियता देखी गई है । चिनियाँ सामरिक स्वार्थ में नेपाली भूमिका प्रयोग होगा तो स्वयं नेपाल के लिए यह प्रत्युपादक प्रमाणित हो सकता है और स्वयं चीन के हित में भी यह नहीं होगा ।

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