नेपाल में आपत्ति के बाद नई संसद के भित्तिचित्र पर भारत ने दिया जवाब
काठमांडू, १९ जेठ
अखंड भारत के नक्शे को लेकर नेपाल के राजनीतिक दल अपना विरोध जता रहे हैं । वो चाहते हैं कि भारत इसका खंडन करें कि उसने ऐसा क्यों किया ? नेपाली जनता चाहती है कि अभी प्रधानमंत्री प्रचंड भारत भ्रमण पर हैं तो वो बात करें प्रधानमंत्री मोदी से । क्योंकि जब वो नेपाल वापस आएगे तो राजनीतिक दल के साथ यहाँ के लोग उनसे सवाल करेंगे । भारत की संसद में अखंड भारत के नक्शे को लेकर बहुत बवाल मचा हुआ है । जबकि प्रधानमंत्री प्रचंड अभी अपनी भारत भ्रमण में हैं ।
नेपाल में आपत्ति के बाद नई संसद के भित्तिचित्र पर भारत ने आधिकारिक बयान दिया है ।
नए संसद भवन में दक्षिण एशिया का भौगोलिक भित्ति चित्र लगा है जिसमें नेपाल के कपिलवस्तु और लुंबिनी को भी दर्शाया गया है । इस भित्तिचित्र में पाकिस्तान के तक्षशिला और मानसेहरा भी देखे जा सकते हैं ।
अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “संसद में जो लगा है वो अशोक के साम्राज्य के फैलाव को दर्शा रहा है. ये भित्तिचित्र अशोक के जमिंदार और लोगों के लिए समर्पित गवर्नेंस का वर्णन है । भित्ति चित्र और इसके सामने लगी पट्टिका यही बात बता रही है ।”
बागची ने ये भी कहा कि नेपाल के साथ आधिकारिक वार्ताओं में इस विषय पर कोई बात नहीं हुई है । इससे पहले भी नेपाल के कई नेताओं ने इस भित्तिचित्र पर सवाल उठाए थे । नेपाल के कई इतिहासकारों ने भी इसे गलत करार दिया था ।


