नेपाल तथा भारत के किलों का किया गया फोटो प्रदर्शनी
काठमांडू, ३२ जेठ
आज काठमांडू के लैनचोर स्थित भारतीय राजदूतावास में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा नेपाल और भारत के किलों की तस्वीरों के प्रदर्शनी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था । यह प्रदर्शनी दो दिवसीय प्रदर्शनी है । इस प्रर्दशनी का उद्घाटन नेपाली सेना के पूर्व बिग्रेडियर प्रेम सिंग बस्नायत और भारतीय सेना के कर्नल अमित शर्मा ने संयुक्त रुप से किया ।
इस सामारोह में पूर्व बिग्रेडियर जनरल बस्नायत ने नेपाल और भारत की सैन्य शक्ति के इतिहास को बताया और कहा कि दोनों ही देश के लिए किलों का ऐतिहासिक महत्व रहा है । उन्होंन कहा कि ये साधारण संपति नहीं है वरन ये सभी किले राष्ट्र की सम्पदा है । इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि इन किलों ने कहीं न कहीं से हमें धार्मिक रुप से जोड़े रखा है ।
नेपाल की ओर से जो तस्वीरें रखी गई थी उनमें सिमरौनगढ़, गोरखा, सोमेश्वर किला चितवन, सिन्धुली गढ़ी, बल्दयांग पाल्पा ,नुवाकोट गढ़ी लिग लिग कोट ।

इसी तरह भारतीय सेना के कर्नल अमित शर्मा ने कहा कि– ये किले पूर्वजों के द्वारा बनाए गए संरचना ही नहीं है वरन उस समय के इतिहास कला और संस्कृति पहचान कराने वाले स्थान हैं । अपने को सुरक्षित रखने के लिए पूर्वज कैसी रणनीति बनाते थे इसका उदाहरण हैं ये किले । सोलापुर किला, दौलताबाद किला, लालकिला, आदि के साथ दोनों देश की तस्वीरों तस्वीरों को मिलाकर पचास तस्वीरों को प्रदर्शनी में रखा गया था ।
चूंकि अब का समय पयर्टन का समय है तो इसके लिए इन किलों का संरक्षण करना बहुत आवश्यक है ।




