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बिहार : नेपाल से मछलियों के आयात पर बैन

 

सीतामढ़ी 25 जुलाई

नेपाल से भारतीय इलाकों में आने वाली विदेशी मछलियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से लगाया गया है। विभाग की प्रधान सचिव डॉ एएन विजयलक्ष्मी ने सूबे के सभी डीएम और एसपी को पत्र भेजकर सरकार के उक्त निर्णय की जानकारी दी है। इसके बाद सीतामढ़ी जिला मत्स्य पदाधिकारी ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी और बॉर्डर इलाके के थानाध्यक्षों को अलर्ट कर दिया है। सरकार ने विदेशी मछलियों के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी हरी झंडी दी है।

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इन तीन मछलियों पर प्रतिबंध
सरकार के स्तर से खासकर जिन मछलियों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें थाई मांगुर, बिग हेड और पाकु शामिल है। विभाग के प्रधान सचिव ने डीएम को जानकारी दी है, स्थानीय मत्स्य प्रजातियों के साथ जलजीवों के संरक्षण, सुरक्षित प्रजनन/प्रसार के लिए विदेशी मछलियों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है। बताया गया है कि ये तीनों विदेशी नस्ल की हिंसक और मांसाहारी मछलियां होती है। इन तीनों मछलियों का पालन, बीज उत्पादन, आयात, निर्यात, विक्रय, परिवहन और विक्री पर पूर्णत: रोक लगाई जाती है। बिहार जलकर अधिनियम के तहत इन मछलियों के पालन, परिवहन और बिक्री दंडनीय अपराध है।

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एसएसबी और पुलिस को किया अलर्ट
इधर, जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बॉर्डर पर तैनात एसएसबी की दोनों बटालियन के आलावा बॉर्डर क्षेत्र के थानाध्यक्ष क्रमश: सोनबरसा, कन्हौली, मेजरगंज, बैरगनिया, बेला, परिहार, सुरसंड और चोरौत को पत्र भेज है। इसमें बताया है कि नेपाल से नियमित रूप से बाहरी और प्रतिबंधित मछलियों को भारतीय इलाकों में लाकर उसकी बिक्री की जाती है। इसका प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय मछली उत्पादक पर पड़ रहा है। इसी कारण विदेशी मछलियों की बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने एसएसबी और पुलिस से मत्स्य विभाग के प्रधान सचिव के पत्र के आलोक में कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।

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