मैं क्रिकेटर बनुगाँ कभी नहीं सोचा था : पारस खड़का
भारतीय दूतावास और बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन ने नेपाल भारत लाइब्रेरी, न्यू रोड में आज गुरुवार 10 जुलाई 2014 को भ्वाइसेज (आवाज) के 15 वें संस्करण का आयोजन किया ।
आवाज के इस संस्करण में नेपाल की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान पारस खड़का नेपाल में क्रिकेट का स्वरुप के बारे में तथा अब तक उनकी क्रिकेट की यात्रा के बारे में प्रकाश डाला ।
बच्चा में मैं एक दिन नेपाल में एक क्रिकेटर बन जाऊँगा कभी नहीं सोचा था । लेकिन हाँ यह मेरा बहुत बड़ा सपना था । मैं यह नही सोचा था कि कप्तान के रूप में नेपाल की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करुँगा ।मुझे बहुत खुशी है कि नेपाली के लोगों ने मुझे अपना समर्थन और प्रोत्साहन भरपुर दिया है । इस अवसर पर पारस यह बात शार्बजनिक किया । इसके बाद पारस ने दर्शकों के साथ बातचीत के रुप मे प्रश्न और उसका जवाब भी दिया ।
यह पुछे जानेपर कि आप क्या होते अगर आप एक क्रिकेटर नही बनते तो ?” वास्तुकार बनते” पारस ने जवाब दिया ।
पारस ने कहा कि नेपाली क्रिकेट टीम के कोच पुबुदु दासानायके से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला है ।
“मुझे लगता है कि वह नेपाली क्रिकेट टीम की लोकप्रियता के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है । नेपाल की सरकार ने उन्हे हमारे कोच बनाए रखने का फैसला किया है जिसके लिये मै आभारी हूँ ।
पारस आगे सविस्तार कहा कि अकेले सरकार को दोष देने से या समर्थन करने से नेपाल में क्रिकेट परिदृश्य उत्थान नहीं कर सकता ।
उन्होंने अफसोस जताया कि क्रिकेट का अभ्यास करने के लिये कीर्तिपुर क्रिकेट ग्राउंड अब एक धान के खेत की तरह लग रहा है ।

