Mon. Aug 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सातदल का संघीय लोकतान्त्रिक मोर्चा गठन

 

sanghiy ghosanaजनपक्षीय संविधान न बनने की स्थिति में जलाने की चेतावनी
काठमान्डौ, आषाढ़ २६, सात राजनीतिक दलों ने जो पहचान सहित के संविधान के पक्षधर हैं, संघीय गणतान्त्रिक मोर्चा का गठन किया है । एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड के नेतृत्व में सात विपक्षी दलों का संघीय गणतान्त्रिक मोर्चा नेपाल की घोषणा की गई है । उन्होंने कहा कि यह मोर्चा सरकार निर्माण के लिए न होकर जनता के पक्ष में संविधान निर्माण के लिए है । मोर्चा ने समय में संविधान निर्माण की ओर अपनी प्रतिबद्धता बताई है । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संविधान जनता के पक्ष का न हुआ तो इसे जलाया जाएगा ।
अशोक राई ः (संघीय समाजवादी पार्टी) संविधान बनेगा ऐसा नहीं लगता है । सत्ता पक्ष को देखते हुए नहीं लगता है कि इस बार भी संविधान बनेगा । जिसके कारण संविधानसभा बना उसे ही दरकिनार किए हुए है । संविधान समय पर बने इसके लिए ही इस मोर्चा का गठन हुआ है ।
राजेन्द्र महतो ः (सद्भावना पार्टी) पहले संविधान सभा के विघटन के समय देश बड़े संकट से गुजर चुका है । फिर वैसा संकट नहीं आए इसलिए इस मोर्चे का गठन किया गया है । यह संविधान सभा द्वारा ही बनना चाहिए । और जनता के पक्ष में बनना चाहिए । नहीं तो इसे दिन के बारह बजे जलाया जाएगा ।
उपेन्द्र यादव ः (मधेशी जनअधिकार फोरम) विगत में संघीयता के कारण संविधानसभा का विघटन हुआ । अब ऐसा नहीं हो इसके लिए मोर्चा का गठन किया गया है । काँग्रेस, एमाले और राप्रपा की बात सुनकर लगता है कि पहचान सहित का संविधान नहीं बनेगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर क्रांति होगी । यह मोर्चा सत्ता पाने के लिए जोड़ घटाव के लिए नहीं है ।
महन्थ ठाकुर ः (तमलोपा) संविधान सभा में जो बड़े दल हैं उनकी नीयत को देखकर शक होता है । वो सब परिवत्र्तन के विरोधी हैं । ऐसे लोगों के लिए जवाब है ये मोर्चा ।
विजय गच्छदार ः ( मधेशी जनअधिकार फोरम) लोकतान्त्रिक संविधान बनाना चाहते हुए भी यथास्थिति वालों के कारण पिछला संविधान सभा विघटन हुआ । संविधान बनाने के लिए गठबन्धन हुआ था पर उनलोगों ने सफल होने नहीं दिया । बाबुराम ने कोशिश की पर काँग्रेस और एमाले नहीं माने । दूसरे संविधानसभा के लिए भी वो तैयार नहीं थे पर हमारे दवाब से वो बाध्य हुए । अभी एमाले और काँग्रेस के नेता जो विचार व्यक्त कर रहे हैं उससे संविधान नहीं बनेगा । हमें अगर कमजोर समझेंगे तो ज्ञानेन्द्र के जैसी हालत होगी । विगत में इसी विभेद के कारण आन्दोलन हुआ था अब ऐसी स्थिति नहीं आए इसके लिए यह मोर्चा बना है । संघीया विरोधी अगर संविधान बना तो एक दिन भी नहीं टिकेगा ।
प्रचण्ड ः –एमाओवादी ) यह मोर्चा विशुद्ध संविधान निर्माण के लिए बना है । सरकार बनाने या गिराने के लिए नहीं । काँग्रेस एमाले बहुमत में हैं इसलिए वो अपनी मनमानी के आधार पर संविधान बनाना चाहते हैं । अगर ऐसा हुआ तो विद्रोह होगा । हम चाहते हैं कि ऐसा नहीं हो । ऐसे स्थिति को रोकने के लिए यह मोर्चा बना है । यह जनता के बलिदान के द्वारा गठन किया गया मोर्चा है । इसे कमजोर समझने की भूल वो न करें । संविधान निर्माण के लिए गठित इस मोर्चे में और भी परिवत्र्तनकारी दल आ सकते हैं । विभद करने के कारण जन युद्ध हुआ था । इसे नजरअन्दाज करेंगे तो बहुत बड़ी गलती करेंगे ।

यह भी पढें   भारत में अग्निवीरों की भर्ती के समर्थन में नेपाल में सड़क पर उतरे हजारों लोग

फोटो साभार रातोपाटी

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com