Fri. May 15th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

उर्जा क्षेत्र में सहयोग सम्बन्धी मसौदे के प्रति उठे प्रश्नों पर भारतीय दूतावास का ध्यानाकर्षण

 

भारत और नेपाल के बीच उर्जा क्षेत्र में सहयोग सम्बन्धी भारत के मसौदा प्रस्ताव के बारे में संचार माध्यम में आए अनेक समाचार के प्रति भारतीय दूतावास का ध्यान आकर्षित हुआ है ।
इस सम्बन्ध में दूतावास निम्न अवस्था स्पष्ट करना चाहता है ।
क ः मसौदा ढाँचागत समझौता प्रकृति का है और इससे उर्जा क्षेत्र में समग्र सहयोग हेतु व्यापार, प्रसारण लाइन निर्माण, ग्रीड जोड़ने और विद्युत परियोजनाओं के निर्माण सहित बृहत सिद्धान्तों और मापदण्ड की रूपरेखा निर्धारण होगी ।
ख ः निर्माण होने वाले प्रत्येक विद्युत परियोजना के लिए एक अलग परियोजना कार्यान्वयन समझौते की आवश्यकता हे । साथ ही इसके लिए विद्युत खरीद समझौता और आवश्यक नियम और शर्तों में सहमति आवश्यक होगी ।
ग ः मसौदा नेपाल के लिए अपने जलविद्युत सम्भावना के विकास हेतु उसके सार्वभौम अधिकार को कुण्ठित नहीं होने देगा ।
घ ः भारत में विद्युत व्यापार ओपेन जनरल लाइसेन्स सूची के अन्तर्गत है । विद्युत उर्जा समझौता सन् १९९७ में हस्ताक्षर हुआ था । भारत और नेपाल के बीच उर्जा आदान प्रदान व्यवस्था के पुनरावलोकन करने हेतु समय समय पर अलग द्विपक्षीय उर्जा आदान प्रदान समिति की बैठक आयोजित होती आई है ।
ङ ः भारत द्वारा भेजे गए प्रस्ताव बातचीत के लिए तैयार किया गया मसौदा है और इसे अन्तिम रूप देने से पहले द्विपक्षीय वार्ता आवश्यक है । मसौदे में संशोधन तथा परिवत्र्तन करने के लिए दोनों पक्ष स्वतन्त्र हैं ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *