श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्री गिरिराज महाराज के दिब्य प्रसंग पर चर्चा
हिमालिनी प्रतिनिधि कोशी प्रदेश नेपाल । कोशी प्रदेश बिराटनगर के काबरा निवास स्थित श्री कुंज में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह यज्ञ के पंचम दिवस की पावन वेला के अवसर पर श्री गिरिराज महाराज के दिब्य प्रसंग का निरूपन किया । बताया गिरिराज महाराज 21 किलोमीटर के मध्य बिराजमान है , जिसकी बारहो महीना परिकम्मा लगती है , डंडौती लगती है । देश विदेश से अनेकों श्रद्धालु परिकम्मा कर अपने आपको धन्य समझते है एवं पनौती मांगते है । श्री गिरिराज महाराज सभी भक्तों का मनोकामना पूर्ण करते है । भगवान सप्तदिन , सप्तरात्रि , सप्तकोशिय पर्वत को अपने कर्ण की उंगली पर धारन कर सभी ब्रजवासियो की रक्षा की । इस मौके पर गिरिराज महाराज की झांकी निकाली गई । 56 प्रकार के भोग लगाए गए । इससे पूर्व बालकृष्ण की बाललीलाओ पूतना उद्दार , वकासुर , सकटासुर , ऊखल बन्धन लीला , चीरहरण लीला , माखन चोरी लीला आदि प्रसंगों का विवेचन किया ।
इस मौके पर महाआरती में काबरा परिवार के मुरलीधर काबरा , बंशीधर काबरा ,शंकर काबरा , गणपतलाल जी काबरा , घनश्याम काबरा ,श्रीराम काबरा , श्रीनिवास काबरा , रामनिवास काबरा , नवल किशोर काबरा , श्याम सुंदर काबरा , राजेश काबरा , वीना सोमानी , नीलम मल्ल , साबित्री विहानी , प्रभा मालपानी , जहुरी देवी तापड़िया सहित काबरा परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा बिराटनगर के सैकड़ो प्रबुद्धजन शामिल हुए जिसमे महिलाए श्रद्धालु बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया ।



