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11हजार भार राम तीर्थ क्षेत्र परिषद को सौंपा

अयोध्या, राम शंकर शास्त्री। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम में विश्व हिंदू परिषद कार्यालय कारसेवक पुरम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिषद के महा सचिव चंपत राय को माता सीता जन्म भूमि पुनौरा धाम के महंत कौशल किशोर दास ने 11000 सनेश भार, सीता रसोई के सारे बर्तन, सोना चांदी का आभूषण और बर्तन समर्पित किया ।चंपत राय ने श्री राम के चरण पादुका को माथे पर रखते हुए जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम का समर्पण स्वीकार किया। तीर्थ क्षेत्र परिषद के महासचिव ने कहा जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम से आया हुआ सनेश इतना बड़ा है इतना भारी है इसीलिए इसे भार कह रहे हैं। प्रभु श्री राम से माता सीता जी का संबंध अनोखा है ।और मिथिला का अयोध्या का संबंध सस्कृति और संस्कार का आधार है ।इसलिए सीता जन्म भूमि से आए हुए सभी संत और श्रद्धालुओं का श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिषद द्वारा स्वागत है ।
महंत कौशल किशोर दास ने प्रभु श्री राम के लिए चांदी का यज्ञोपवीत ,चरण पादुका ,सोने की अंगूठी समर्पित किए।वही माता सीता के लिए सोने का टीका ,नथिया, झुमका ,अनूठी,चांदी का पायल पैजानिया डरकश, अंगूठी ,बिछिया,बिछिया,पान का पत्ता,कसैली, जानकी जनमभूमि की मिट्टी एवं जानकी जन्मभूमि सीता कुंड का जल समर्पित किया। मिथिला के पाग और चादर से सभी संत एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिषद के पदाधिकारी का स्वागत किया गया ।
श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा माता सीता से त्रेता युग में प्रभु श्री राम की शादी हुई।आज भी मिथिला से अयोध्या का रिश्ता मजबूत है।
त्रेता युग में इतना सोना चांदी आभूषण मिला की मणि पर्वत हो गया ।
जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम सीतामढ़ी से चार ट्रक पर सनेश भार समर्पण हेतु सामान आया है। जो पाहुन रामलला के लिए आया है ।महंत ने मजाक किया और पूछा कि क्या इन सभी सामानों को रखने की जगह है तो चंपत राय ने मुस्कुराते हुए कहा हां बहुत जगह है ।आप इतना उपहार लेकर आए इसके लिए आप सभी को साधुवाद है। उन्होंने कहा की रामलला तो अभी 5 वर्ष के ही हैं इसलिए हमारे रामलला भव्य मंदिर में विराजमान करेंगे। तो सीतामढ़ी के संतों ने कहा कि हम तो मिथिला के नाते से अपने पाहुन के गृह प्रवेश पर समर्पण हेतु सनेश भार लेकर आए हैं और अपने पाहुन श्री राम के यहां आए हैं। इसलिए सीता माता और प्रभु श्री राम हमेशा साथ-साथ ही रहते हैं ।
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शन समिति मंडल के सदस्य एवं बिहार साधु समाज के उपाध्यक्ष महंत भूषण दास ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय से जानकी जन्मभूमि पर पुनौरा धाम में भव्य मंदिर निर्माण की बात रखी।
सियाराम भक्त अयोध्या के मुख्य द्वार से कारसेवक पुरम के लिए दो भजन ट्रॉली के साथ ले जाया गया ।सीता जी बहिनिया हमार हो राम लगीहे पहनवा जीत के साथ सियाराम भक्त झूम झूम कर मस्ती में गा रहे थे। साधु संत भी नाच रहे थे।साधु संतों की टोली में महंत कौशल किशोर दास ,राम उदार दास,राम कुमार दास,राम बालक दास,मुठिया बाबा,किशोरी शरणजी,महंत मनमोहन कौशिक,श्रवण कुमार,मनोज सिंह,अंशुल प्रकाश,सुशील सिंह,प्रो उमेश चंद्र झा,माधव चौधरी,श्याम नंदन प्रसाद,आग्नेय कुमार,धीरज सिंह,समेत सैकड़ों सियाराम भक्त खुश नजर आए।

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