महामन्त्री गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा के बीच वैचारिक मतभेद
काठमांडू, फागुन ९– नेपाली कांग्रेस के दो महामन्त्री गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा के बीच वैचारिक मतभेद साफ दिखाई दे रहा है । महामन्त्रीद्वय के संसदीय दल के चुनावयता सहकार्य जारी है लेकिन इन सबके बीच दोनों महमन्त्री विपरीत धार में है और वैचारिकरूप में भी अंतर दिखाई दे रहा है ।
राष्ट्रपति द्वारा नागरिकता विधेयक प्रमाणित करने तथा उम्र के विषय तक को लेकर पार्टी के भीतर ही महामन्त्री थापा और शर्मा विपरीत धार में दिखाई दे रहे हैं । ललितपुर के गोदावरी में जारी कांग्रेस के महासमिति बैठक में सांगठनिक प्रस्ताव पेश करने वाले थापा और समसामयिक राजनीतिक प्रस्ताव पेश करने वाले महामन्त्री शर्मा विपरीत धार में दिखाई दे रहे हैं । महामन्त्री थापा चुनावी गठबन्धन के विरुद्ध में स्पष्ट खड़े हैं तो महामन्त्री शर्मा गठबन्धन प्रति नरम दिख रहे हैं । शर्मा ने भोट ट्रान्सफर’जैसे विषय चुनौतीपूर्ण हनेने पर भी उपलब्धि का जस गठबन्धन को ही दिया है । इसके विपरीत थापा का कहना कि गठबन्धन के कारण ही कांग्रेस ने मतदाताओं का विश्वास खोया है और कांग्रेस के आत्मविश्वास भी कम हुआ है । उन्होंने भविष्य में चुनावी गठबन्धन नहीं करने के संकल्प के लिए भी एक प्रस्ताव पेश किया है
शर्मा का कहना था कि “निर्वाचन में ’भोट ट्रान्स्फर’का विषय निश्चय ही चुनौतीपूर्ण थी लेकिन ०७४ के निर्वाचन की तुलना में नेपाली कांग्रेस तीनों ही तह में पहले दल के रूप में स्थापित हुई । इससे पता चलता है कि इसमें गठबन्धन का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है ।”
नेपाली कांग्रस के पूर्वमहामन्त्री विमलेन्द्र निधि ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि कांग्रेस बहुलवाद में विश्वास करने वाली पार्टी है इसलिए फरक विचार आने में इसे कैसे सुलझाया जाए,इसके निरुपण की चिन्ता करनी चाहिए । उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस विषय का निरुपण कांग्रेस सहजरूप में कर सकती है ।


