क्या सामाजिक संजाल में बढती लोकप्रियता गिरफ्तारी का कारण है ?

राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा
स्वतंत्र मधेश की मांग करते हुए जनमत संग्रह हेतु मेची महाकाली अभियान में लगे हुए डा। सी के राउत को आज शाम पुलिस ने गिरफ्तार किया है । उनकी गिरफ्तारी कई सवाल खडे कर रहे हैं । एक अहिंसात्मक राजनीतिक अभियान में लगे एक बुद्धिजीवि को गिरफ्तार करना कहाँ तक तर्कसंगत और कानूनी रुप से सही है रु खबर आ रही है कि उनपर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा । कुछ दिनों पहले संविधान सभा के संवैधानिक राजनीति संवाद तथा सहमति समिति में उन्हें शामिल किया गया था । जहाँ उन्होंने संविधान में राज्य से अलग होने के अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग रखी थी । लम्बे समय से अमेरिका में कार्यरत राउत कुछ वर्ष पहले ही नेपाल वापस आए हैं और तभी से स्वतंत्र मधेश के पक्ष में अहिंसात्मक राजनीतिक अभियान में संलग्न हैं । मधेश सम्बन्धी कई पुस्तकों का उन्होंने प्रकाशन किया है । जिसमें मधेश को स्वतंत्र प्रदेश के रुप में दस्तावेज सहित दिखाया गया है । क्या सामाजिक संजाल में उनकी बढती लोकप्रियता उनकी गिरफ्तारी का कारण है ।

