Sun. Feb 23rd, 2020

मंगल ग्रह की कक्षा में यान स्‍थापितकर भारत पहला देश बना

sभारत का मंगल मिशन आज बुधवार को अपने पहले ही प्रयास में सफल हो गया है। सुबह करीब आठ बजकर पांच मिनट पर मंगलयान पर नियंत्रित होने के बाद इसे इस यान को मंगल ग्रह की कक्षा में स्‍थापित कर दिया गया है।

मंगलयान अब कुछ ही देर में मंगल गृह की तस्वीरें भेजने लगेगा। इस मौके पर इसरो में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी वैज्ञानिकों और देशवासियों को ‌बधाई दी।यह उपग्रह, जिसका आकार लगभग एक नैनो कार जितना है, तथा संपूर्ण मार्स ऑरबिटर मिशन की लागत कुल 450 करोड़ रुपये या छह करोड़ 70 लाख अमेरिकी डॉलर रही है, जो एक रिकॉर्ड है… यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइज़ेशन या इसरो) ने 15 महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया, और यह 300 दिन में 67 करोड़ किलोमीटर की यात्रा कर अपनी मंज़िल मंगल ग्रह तक पहुंच जाएगा… यह निश्चित रूप से दुनियाभर में अब तक हुए किसी भी अंतर-ग्रही मिशन से कहीं सस्ता है…

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने सुबह 7 बजकर 17 मिनट पर भारत के मंगलयान का तरल इंजन शुरू कर दिया था।

इसरो के अनुसार मिशन की जानकारी धरती पर साढ़े बारह मिनट की देरी से मिल रही है, लिहाज़ा इंजन की शुरूआत कैसी रही इसके बारे में जानकारी थोड़ी ही दर में उपलब्ध होगी।

मंगल अभियान के इस निर्णायक चरण में पूरे 24 मिनटों तक यान के तरल इंजन को चलाया जाएगा, जो इसे लाल ग्रह की ऑर्बिट यानी कक्षा में स्थापित करेगा।

इसरो को इस बात की सावधानी रखनी होगी कि यान इतना धीमा न हो जाए कि मंगल की सतह से टकरा जाए, या उसकी रफ़्तार इतनी भी तेज़ न हो कि वो मंगल के गुरुत्वाकर्षण से बाहर अंतरिक्ष में खो जाए।

मंगलयान करीब 300 दिनों की यात्रा के बाद 22 सितंबर को मंगल के गुरुत्वाकर्षण घेरे में प्रवेश कर गया था।

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