गृहमन्त्री को बोलने देना चाहिए –ज्ञानबहादुर शाही
काठमांडू, जेठ ४– राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा)ने कहा है कि उपप्रधानमन्त्री तथा गृहमन्त्री रवि लामिछाने को संसद में बोलने दिया जाए । गृहमन्त्री लामिछाने का सहकारी धोखाधड़ी प्रकरण के छानबीन के लिए संसदीय समिति बनाने के लिए अड़े नेपाली कांग्रेस, जनता समाजवादी पार्टी नेपाल, लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी, नेपाल आदि प्रतिपक्ष दलों की बैठक में राप्रपा ने इस बात पर जोड़ दिया है कि लामिछाने को संसद में बोलने दिया जाए ।
गृहमन्त्री लामिछाने को लसंसद में बोलने दिया जाए यह प्रस्ताव बैठक में रखा गया है । ये जानकारी राप्रपा के प्रमुख सचेतक ज्ञानबहादुर शाही ने दी है । शुक्रबार संसद् भवन परिसर में कांग्रेस सहित के विपक्षी दलों की बैठक के बाद सञ्चारकर्मी से बात करते हुए उन्होंने संसदीय समिति बनाकर सहकारी धोखाधड़ी छानबीन करने की भी बात बताई ।
उन्होंने कहा कि “हमने बैठक में यह बात रखी है कि गृहमन्त्री को बोलने देना चाहिए । साथ ही छानबीन समिति बनाने के बात में भी हम पीछे नहीं हटेंगे । क्योंकि यह विषयवस्तु केवल आज एक व्यक्ति के लिए नहीं है । विषयवस्तु यह है कि सहकारी प्रकरण को लेकर देश की हजारों, लाखों जनता सड़क में फंसे हैं । “ उन्होंने कहा कि गृहमन्त्री को बोलने दिया जाए ये हमारी मांग है । इसमें चर्चा हो रही है । बोलने वाली बात में प्रतिबन्ध नहीं लगाना चाहिए। सुनना पड़ेगा अगर उससे मन नहीं मानेगा तो प्रतिवाद करने की बात और होगी । लेकिन सभामुख तटस्थ रहे । विरोध प्रदर्शन एक अलग बात है इसमे प्रतिपक्ष, प्रमुख प्रतिपक्ष या सत्तापक्ष जो भी हो लेकिन सभा की एक मर्यादा होती है और मर्यादा होनी चाहिए ।


