Tue. Jul 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

देउवा ने ठुकराया महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा के प्रस्ताव को

 

काठमांडू, भादव १६ – इसे कहते है पद की लालसा । जो खुलकर सामने आ रही है । लालसा इतनी है कि इसके आगे कुछ नहीं सुझ रहा है । नेपाली कांग्रेस में अपने भीतर ही बहुत से द्वंद है । दो खेमो में बंटा है नेपाली कांग्रेस । एक खेमा कहता है कि नेपाली कांग्रेस के सभापति को अब प्रधानमंत्री पद के लिए नहीं चुना जाना चाहिए । इसका स्पष्ट उदाहरण है आज का जब नेपाली कांग्रेस के महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा कि समकालीन नेताओं को प्रधानमन्त्री पद के लिए आगे करें । लेकिन महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा के इस प्रस्ताव को सभापति शेरबहादुर देउवा ने पूर्ण रुप से अस्वीकार कर दिया ।
रविवार को जारी केन्द्रीय समिति की बैठक में अपनी धारणा को रखते हुए महामन्त्री शर्मा ने कहा था कि सभापति देउवा को अब प्रधानमन्त्री नहीं बनना चाहिए । उनके इस बात का जबाव में सभापति देउवा ने कहा कि मैं इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हूँ ।
उन्होंने अपनी बात रखी है । बात रखने की स्वतंत्रता है । लेकिन जिस अनुरुप का जबाव आया है यह भी शोभा नहीं देता है । कुर्सी की इतनी चाहत कि हर बार प्रधानमंत्री मैं ही बनूँ । जनता क्या चाहती है ये तो टुँडीखेल में ही दिख गया था । इसके बावजूद उनका यह कहना कि किसी के कहने भर से छोड़ दूँ । किसी ने कहा उसकी बात मान लूँ ।
तो कोई सड़क का व्यक्ति नहीं कह रहा है । आपकी ही पार्टी के महामंत्री यह सुझाव दे रहे हैं तो कुछ तो सोचकर दे रहे होंगे न ।
महामन्त्री शर्मा ने सुझाव दिया था कि अब प्रधानमंत्री पद के लिए सभापति देउवा के विकल्प में नेता शेखर कोइराला, विमलेन्द्र निधि, प्रकाशमान सिंह, पूर्णबहादुर खड्का, शशांक कोइराला और अर्जुननरसिंह केसी में से किसी एक को आगे बढ़ाया जाए । क्योंकि बहुतों को यह आभास हो गया है कि देउवा का प्रधानमंत्री बनना अब पार्टी के लिए उतना बेहतर नहीं है । पार्टी में बहुत से ऐसे चेहरे हैं जिनपर विश्वास किया जा सकता है । या कुछ बदलाव करें । राजनीति में भी लोग बदलाव की तलाश में रहते हैं ।
लेकिन इस सुझाव का जबाव सभापति ने दिया कि आपके कहने से मैं प्रधानमंत्री पद त्याग दूँगा ? एक केन्द्रीय सदस्य ने यह जानकारी दी कि शर्मा को रोकते उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का मन ही नहीं है तो कैसे छोड़ दूँ ? आपके कहने से छोड़ दूँ ? आपने कहा प्रधानमंत्री पद के लिए नहीं सोचे ये आपका विचार है । लेकिन किसी ने कहा और मैं छोड़ दूँ , ये नहीं होगा । मैं अभी नहीं छोडूँगा ।
उन्होंने कहा कि –वो प्रधानमंत्री बनेंगे इसपर ही सहमति हुई थी कि पहले दो वर्ष ओली प्रधानमंत्री बनेंगे और बाद के डेढ़ वर्ष देउवा प्रधानमंत्री बनेंगे । वो इसी आस में है कि कब प्रधानमंत्री ओली का कार्यकाल समाप्त हो और वो प्रधानमंत्री बनें ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *