राम कलेवा के बाद सप्ताह व्यापी विवाह पंचमी महोत्सव
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । राम कलेवा (मर्यादी)के बाद सप्ताह व्यापी विवाह पंचमी का शनिवार को समापन हो गया। शनिवार को जानकी मंदिर में राम कलेवा आयोजन किया गया।
राम, लक्ष्मण, भारत, शत्रुघ्न चारों भाई, राजा दशरथ तथा अयोध्या से आए सभी बारात भोजन के लिए बैठते हैं। सभी के पत्तल पर भात,दाल, सब्जी, विभिन्न के तरूआ (बचका), कढी बरी, सकरौरी, पापड़,तिलौड़ी आदि व्यंजन परोसा जाता है। सभी बारात को भोजन के लिए आग्रह करते हैं लेकिन राम सहित चारो भाई रुठ जाते हैं।वे भोजन नहीं करते हैं। काफी मान मनब्बल के बाद वे भोजन के लिए तैयार होते हैं। रानी सुनैना राम सहित चारो भाई को घड़ी तथा नगद देते हैं।तब वे भोजन करना प्रारंभ करते हैं। उसके बाद सभी बाराती भोजन करते हैं। निकुंज मंजरी चंचला,सोनी चौधरी (दिल्ली) सहित अन्य गायिका ने राजा दशरथ , रानी कौशल्या, कैकेई तथा सुमित्रा को गालियां देती है।
दुल्हा माने ना मनाए मांगे हाथी घोड़ा , घड़ियां।
मांगे हाथी , घोड़ा, घड़ियां , मांगे हाथी, घोड़ा घड़ियां।
सखियां करें निहोरा बारम्बार चारो दुल्हा से बारंबार ।
दुल्हा माने न मनाए, मांगे स्कूटर फटफटिया।
“युगल गौर श्यामल दुल्हा की नखड़ा अजव निराली।
दुल्हा की नखड़ा अजव निराली।
दुल्हा मांगे न मनाए मांगे अम्वेस्टर चरपहिया।
सभी बारातियों को जानकी मंदिर के महंत ने दक्षिणा तथा कंबल दिए। इसके बाद राम कलेवा समाप्त होती है।


