नेपालगञ्ज की कालीथान मन्दिर की २१ वीं साधारण सभा अधिबेशन सम्पन्न

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.१२ स्थित श्री कालीथान मन्दिर व्यवस्थापन समिति की २१ वींं साधारण सभा ने स्थानीय गोविन्द नारायण श्रेष्ठ के अध्यक्षता में नई कार्यसमिति की चयन की है ।
नेपालगञ्ज की प्राचीन श्री कालीथान मन्दिर की २१ वीं साधारण सभा अधिबेशन सम्पन्न ने वह नई कार्यसमिति की चयन की है ।
वह समिति के उपाध्यक्ष पद में हौसीलाल चिडीमार, सचिव मेै वीरेन्द्र श्रेष्ठ, कोषाध्यक्ष पद में श्रीमती सरिता श्रेष्ठ रही है । इसी तरह वह कार्य समिति के सदस्यों में वार्ड नं. १२ के वडा सदस्य राज कुमार बाल्मिकी, श्याम सुन्दर अधिकारी, माधव प्रसाद पोखरेल, राजीव रेग्मी, विशाल गुप्ता, राज बल्लव चिडीमार और मीना वर्मा को चयन किया ।
इसी तरह संरक्षक में नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.१२ के अध्यक्ष तरुण बज्राचार्य को भी चयन किया गया है । वह कार्य समिति के सल्लाहकारों में अजीत कुमार शर्मा, श्रीमती लता शर्मा, श्याम बहादुर मल्ल, चतुर्भूज ज्ञवाली और मधुसुदन श्रेष्ठ रहे हैं ।
इसे पहले कालीथान मन्दिर की अध्यक्ष श्रीमती लता शर्मा के अध्यक्षता में सम्पन्न सभा की उद्घाटन करते हुये प्रमुख अतिथि रहे नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.१२ के अध्यक्ष तरुण बज्राचार्य ने इस क्षेत्र की प्राचीन मन्दिर कालीथान मन्दिर की जिर्णोद्धार, संरक्षण सम्वद्र्धन में वर्तमान समिति ने समिति की स्थापना काल से ही करते आई योगदान और प्रयास की सराहना करते हुये मन्दिर सभी वडावासियों की आस्था केन्द्र और साझा सम्पदा है सभी की सहयोग के लिये आव्हान किया ।
वाड नं. १२ के स्थानीय नागरिक अगुवा समाजसेवी अजीत कुमार शर्मा ने मन्दिर व्यवस्थापन समिति ने स्थापना से अभी तक मन्दिर की अच्छी काम की जितना योगदान दिया उस की प्रशंसा करते हुये इसे पहले पुजारी मदन आचार्य की दिवंगत के बाद में कुछ महीना तक असहज परिस्थिति आई लेकिन अभी नयें पुजारी की नियुक्ति के बाद नित्य पूजाआजा और धार्मिक गतिविधि बयते गई है बताया ।
वह सभा में वह समिति के पहले रही अध्यक्ष की ओर मन्तव्य रखते हुये अध्यक्ष श्रीमती लता शर्माले १९७९ साल में स्थापित कालीथान मन्दिर क संस्थापक स्वर्गीय राजमान श्रेष्ठ और उनके सुपुत्र कृष्णमान श्रेष्ठ, व्यवस्थापन समिति के संस्थापक अध्यक्ष स्व.शंकर प्रसाद रिमाल, पूर्व अध्यक्ष भानुभक्त मुडभरी लगायत मन्दिर के दो स्वर्गीय पुजारियों को हार्दिक श्रद्धाञ्जली अर्पण करते हुये मन्दिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिका की बारे में प्रकाश डाली थी । स्थानीय बासिन्दा हम लोग भक्तजनों ने मन्दिर की जिर्णोद्धार करना, धार्मिक कार्यक्रम और पूजाआजा व्यवस्थित रुप में सञ्चालन करने की उद्देश्य से २०५८ चैत्र २४ गते सम्पन्न जमघट कार्यसमिति गठन करके बि.सं.२०५९ जेठ २७ गते शंकर प्रसाद रिमाल के अध्यक्षता में समिति गठन करके जिला प्रशासन कार्यालय बाँके में संघसंस्था ऐन अन्तर्गत बि.सं.२०५९ असोज ३ गते दर्ता किया गया जानकारी दी । यह समिति ने मन्दिर ने जमीन सम्बन्धित जग्गाधनी से मन्दिर की नाम में दर्ता करने की काम, शान्ति मन्त्रालय, तत्कालीन जिला विकास समिति, नेपालगन्ज नगरपालिका और दाताओं की सहयोग में जिर्णोद्धार की, निर्माण विकास की, रास्ता बनायी, कम्पाउण्ड वाल निर्माण लगायत की अधिक काम की है अध्यक्ष लता शर्मा ने बतायी ।
समिति ने नियुक्त की पुजारी मदन आचार्य के निधन बाद रिक्त रही पुजारी पद में बि.सं. २०८१ असार अषाढ २२ गते बैठी समिति और कालीमाई टोल स्तरीय संस्था ीे संयुक्त बैठक ीे निर्णय अनुसार पं. विष्णु प्रसाद न्यौंपाने को नियुक्त करके मन्दिर में पूर्ववत् रुप में नित्य पूजा और धार्मिक गतिविधि सुचारु हो रही है उन्हों के जानकारी करायी ।
वह सभा में करीब ५० लोग स्थानीय बासिन्दाओं की सहभागिता रही सभा की पहिली सत्र में वार्षिक प्रतिवेदन और आर्थिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । निवर्तमान समिति के सचिव पूर्णलाल चुके ने कार्यक्रम सञ्चालन किया वह साधारण सभा के अन्त्य में व्यवस्थापन समिति की नई कार्यसमिति के अध्यक्ष गोविन्द नारायण श्रेष्ठ को निवर्तमान अध्यक्ष लता शर्मा ने निर्णय पुस्तिका, अन्य महत्वपूर्ण कागजात तथा जिन्सी सामान हस्तान्तरण की थी । प्रमुख अतिथि नेपालगन्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं. १२ के अध्यक्ष तरुण बज्राचार्य ने नये पदाधिकारियों को अबीर का टीका लगाकर बधाई ज्ञापन किया था ।

