महाभारत पर्वत श्रृंखला के सामुदायिक वन में लगी आग अब तक बेकाबू
दक्षिणी क्षेत्र में महाभारत पर्वत श्रृंखला के सामुदायिक वन में मंगलवार दोपहर लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। गुरुवार को आयोजित जिला आधारित आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में हितधारकों के साथ चर्चा के बाद सभी एजेंसियों के मानव संसाधनों को जुटाने का निर्णय लिया गया।
जिले के बेचानचौक और महाभारत गाँव पालिका की सीमा पर स्थित खानीखोला गाँव पालिका-1 के थाम लेकडांडा में फैली आग से अन्य वन क्षेत्रों में भी आग फैलने की आशंका है और पर्यटक क्षेत्र में प्रवेश पर भी खतरा मंडरा रहा है। काभ्रेपलाञ्चोक में नारायणस्थान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गाँवपालिका ने कहा है कि आग के कारण नारायणस्थान मंदिर, बेथानचौक में एक पर्यटक क्षेत्र तथा वार्ड 1, 2, 3 और 5 के कुछ क्षेत्र वर्तमान में खतरे में हैं। इस कारण ग्रामीण नगरपालिका ने सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटकों तथा आम जनता के नारायणस्थान के पर्यटन क्षेत्र में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
ग्राम परिषद के अध्यक्ष भगवान अधिकारी ने बताया कि गाँव पालिका ने नोटिस जारी कर दिया है कि आग पर काबू पाने तक क्षेत्र में प्रवेश न किया जाए। उनके अनुसार, स्थानीय सरकार, पुलिस, नेपाल सेना और अन्य सभी आग पर काबू पाने के लिए काम कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “हमने सभी संबंधित पक्षों को आग वाले क्षेत्र में अत्यधिक सावधानी बरतने के लिए कहा है।”
खानीखोला गाँव पालिका-1 के थामलेकडांडा में सामुदायिक वन में लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। मुख्य जिला अधिकारी उमेश कुमार ढकाल ने बताया कि बुधवार शाम को क्षेत्र में भेजी गई नेपाली सेना और पुलिस की टीमें स्थानीय लोगों के साथ समन्वय कर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहल कर रही हैं। उनके अनुसार, सुरक्षाकर्मियों को आग वाले क्षेत्र और मानव बस्तियों पर नजर रखने तथा आग पर काबू पाने के लिए कदम उठाने को कहा गया है, ताकि आग मानव बस्तियों तक न फैले। साथ ही, यदि कोई नुकसान होता दिखाई दे तो उसे तुरंत खाली कराने को कहा गया है।
धुलीखेल वन प्रभाग कार्यालय के अनुसार, आग मंगलवार दोपहर दो बजे जंगल के किनारे वाले क्षेत्र में लगी। जिला पुलिस कार्यालय, धुलीखेल ने बताया है कि आग फिलहाल नियंत्रण से बाहर है। वन कार्यालय के प्रमुख कृष्ण बहादुर थापा ने बताया कि आग पर नियंत्रण के लिए स्थिति की निगरानी के लिए कार्यालय द्वारा भेजी गई टीम वन क्षेत्र और मानव बस्तियों का आकलन कर रही है। उनके अनुसार, जैसे-जैसे जंगल की आग फैलती जा रही है, सुरक्षा कर्मियों को वन अग्नि नियंत्रण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी और उपखंड कार्यालय और सुरक्षा एजेंसियों को व्यक्ति की पहचान करने के लिए कहा जाएगा। आग लगाने वाले को चिन्हित करने तथा वन कार्यालय के समन्वय में सभी 13 स्थानीय स्तर की सुरक्षा एजेंसियों तथा वन उपयोगकर्ता संघ के साथ समन्वय स्थापित कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य जिला अधिकारी ढकाल ने बताया कि जिले में तैनात नेपाली सेना और पुलिस की विभिन्न इकाइयों की टीमें बुधवार शाम से ही क्षेत्र में भेजी गई हैं और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय कर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहल कर रही हैं। मुख्य जिला अधिकारी ढकाल ने बताया कि जैसे-जैसे आग फैलती जाएगी, इसे नियंत्रित करने के लिए अन्य संबंधित निकायों (गृह मंत्रालय) के साथ समन्वय करके आवश्यक उपकरणों के साथ अतिरिक्त जनशक्ति जुटाई जाएगी।

