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रेल मंत्रालय अवैध कारोबार को दे रहा बढ़ावा’, एआईओसीडी हैरान : प्रमोद कुमार मिश्र

 
प्रमोद कुमार मिश्र, दिल्ली | ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) को गहरी निराशा हुई है कि रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने उपभोक्ताओं के घर-घर दवाइयाँ पहुंचाने के लिए अवैध ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म से बोलियाँ (बिड्स) आमंत्रित करने का प्रस्ताव दिया है।
एआईओसीडी के अध्यक्ष जे एस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने बताया कि देश में ई-फार्मेसियों का संचालन अवैध है क्योंकि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने W.P(C) 11711/2018 – डॉ. ज़हीर अहमद बनाम भारत संघ और W.P(C) 10611/2018 – साउथ केमिस्ट्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन बनाम भारत सरकार में 2018 के दौरान दिए गए आदेश के तहत ऑनलाइन फार्मेसियों के संचालन पर निषेधाज्ञा लगाई है। साथ ही यह आदेश आज भी लागू है।
इसके अलावा, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने अपने शपथ पत्र में स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया है कि भारत में वर्तमान में ऑनलाइन फार्मेसियों के लिए किसी भी प्रकार का प्रावधान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 या उसके नियमों के तहत नहीं है।
दवाओं की होम डिलीवरी पर प्रतिबंध
उल्लेखनीय है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, दवाओं का वितरण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर ही किया जा सकता है। कोविड-19 महामारी के दौरान, सरकार ने असाधारण परिस्थितियों में कुछ शर्तों के तहत दवाओं की डोर-डिलीवरी की अनुमति दी थी, लेकिन यह अधिसूचना केवल स्थानीय और पंजीकृत फ़ार्मेसी पर लागू होती है, न कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर, इसलिए  संस्था ने सरकार से इस संबंध में जारी अधिसूचना को  निरस्त करने की भी मांग  की है ।
प्रिस्क्रिप्शन पर अनिवार्य शर्तें
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 65 के तहत प्रिस्क्रिप्शन पर प्रिस्क्राइबर के हस्ताक्षर, विक्रेता का नाम और पते के साथ वितरण की तारीख का उल्लेख करना अनिवार्य है। यह शर्तें ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म के संचालन को स्पष्ट रूप से अवैध बनाती हैं।
संस्था की मांग
एआईओसीडी का मानना है कि रेलटेल कॉरपोरेशन द्वारा यह प्रस्ताव हमारे देश के कानूनों को दरकिनार करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भारी खतरे में डालने के बराबर है। हम उम्मीद करते हैं कि यह निर्णय जानबूझकर नहीं लिया गया होगा।
एआईओसीडी देश की जनता और फार्मास्युटिकल क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम रेलटेल कॉरपोरेशन से अपील करते हैं कि वह इस अवैध प्रस्ताव को तुरंत वापस ले।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी), जो देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्टों का प्रतिनिधित्व करता है, और देश के फार्मास्युटिकल क्षेत्र की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। यह संस्था 65 लाख से अधिक सदस्य परिवार और अधीनस्थ सामूहिक रूप से 5 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

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