शिवरात्रि से पहले पशुपतिनाथ परिसर में बाबाओं और श्रद्धालुओं की भीड़

काठमांडू, 24 फरवरी 2025: जैसे-जैसे शिवरात्रि नजदीक आ रही है, पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में पिछले कुछ दिनों से साधुओं, बाबाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर, विशेष रूप से शिवरात्रि के दौरान, एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन जाता है, जो हिंदू कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।
सोमवार को पशुपतिनाथ के आसपास का दृश्य बेहद जीवंत रहा। सुबह से ही श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना और प्रार्थना के लिए पहुँचने लगे। इस शुभ दिन पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के दर्शनार्थी आशीर्वाद लेने और अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए जुटे हैं। खास तौर पर भारत से आए बाबाओं की मौजूदगी ने इस उत्सव के माहौल को और रंगीन बना दिया है।
पशुपतिनाथ के आसपास के क्षेत्र में बाबाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो अपनी आध्यात्मिक साधनाओं और दिव्यता से जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। ये बाबा लंबे समय से शिवरात्रि उत्सव का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और अक्सर पर्यटकों और तीर्थयात्रियों का ध्यान आकर्षित करते हैं।

शिवरात्रि, जो भगवान शिव को समर्पित है, वैदिक कैलेंडर के अनुसार सबसे पवित्र रातों में से एक मानी जाती है, जिसमें कालरात्रि, मोहरात्रि और सुखरात्रि जैसी अन्य पवित्र रातें भी शामिल हैं। हिंदू शास्त्रों, विशेष रूप से पुराणों में इसका विशेष महत्व है। इस साल शिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी, और मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
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