प्रधानमंत्री ओली बोले : तिल का पहाड़ बनाया गया
काठमांडू— नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि वे देश और जनता के हित में पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री निवास बालुवाटार में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बयान दिया। यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री सुजाता कोइराला द्वारा लिखित आत्मकथा ‘मैं और मेरे सानुबुवा’ के विमोचन के लिए आयोजित किया गया था।
प्रधानमंत्री ओली ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक कुलमान घिसिंग को हटाए जाने के विवाद को लेकर कहा कि छोटे मुद्दों को बेवजह बड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं विचारधारा (आइडियोलॉजी) से ज्यादा देश के प्रति निष्ठा को प्राथमिकता देता हूं। विचारधाराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन देश सभी का साझा होता है। देश को कैसे आगे बढ़ाना है, यही मुख्य सवाल है। लेकिन छोटे-छोटे मामलों को बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है।”
उन्होंने कुलमान घिसिंग को हटाए जाने के विरोध को लेकर कहा, “कुछ लोगों को ऐसा लगा जैसे उन्हें कोई बड़ा मुद्दा मिल गया हो। वे उछल रहे हैं, दौड़ रहे हैं, बयानबाजी कर रहे हैं। यह बस एक छोटा सा मामला है।”
प्रधानमंत्री ओली ने माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल पर भी निशाना साधते हुए पूछा, “क्या नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक का स्थानांतरण करना गलत है? क्या हमने किसी सेवानिवृत्त व्यक्ति को नियुक्त कर दिया?” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “क्या केवल घिसिंग के कार्यकाल के दौरान ही देश में उजाला आया था?”
इसके अलावा, पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि “सिर्फ किसी एक व्यक्ति, संस्था या राजवंश को मानकर चलने वाली सामंती सोच अब इस युग में नहीं चल सकती।”


