नेपाल बार चुनाव: अध्यक्ष पद के लिए पाँच उम्मीदवार, अन्य पदों के उम्मीदवार कौन कौन?
काठमांडू – नेपाल बार एसोसिएशन के नेतृत्व के लिए शनिवार को चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए पाँच उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
मुख्य मुकाबला दो पैनलों के बीच है। एक ओर सत्ता पक्ष के करीबी वकीलों का गठबंधन है, जिसका नेतृत्व कांग्रेस समर्थित डेमोक्रेटिक लॉयर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय मिश्र कर रहे हैं। इस गठबंधन को एमाले समर्थित प्रगतिशील एवं पेशागत कानूनी व्यवसायी संगठन (पीपीएलए) और राप्रपा समर्थित राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक कानूनी व्यवसायी संगठन (एनडीएलए) का भी समर्थन प्राप्त है।
दूसरी ओर, माओवादी समर्थित गणतांत्रिक कानूनी व्यवसायी संगठन (आरपीपीएलए) और रास्वपा समर्थित स्वतंत्र कानूनी व्यवसायी संगठन का गठबंधन है, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता रमन श्रेष्ठ कर रहे हैं।
इसके अलावा, राजु कैती, उज्ज्वल घिमिरे, और आशिष पौडेल भी अध्यक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
मुख्य प्रतिस्पर्धा मिश्र और श्रेष्ठ के बीच
मुख्य मुकाबला विजय मिश्र और रमन श्रेष्ठ के बीच माना जा रहा है। दोनों ने हाल ही में प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने अपने-अपने एजेंडे प्रस्तुत किए और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए।
श्रेष्ठ का आरोप है कि मिश्र, जो नेपाल लॉ कॉलेज के प्रोफेसर हैं, बार एसोसिएशन का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। वहीं, मिश्र ने श्रेष्ठ पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर बार के नेतृत्व में आने का आरोप लगाया है।
उम्मीदवारों के मुख्य एजेंडे
विजय मिश्र:
- स्वच्छ बार, कानूनी व्यवसायियों का हित – यह उनका मुख्य नारा है।
- बार की संरचना, नीति और संस्था में सुधार।
- लॉयर्स एकेडमी की स्थापना।
- युवा और महिला कानूनी व्यवसायियों के लिए विशेष नीति।
- वकीलों की क्षमता में वृद्धि और कानूनी सुधार।
रमन श्रेष्ठ:
- विचार के आधार पर नहीं, विवेक के आधार पर नेतृत्व चुनें – यह उनका चुनावी नारा है।
- भ्रष्टाचारमुक्त न्यायपालिका।
- कानूनी व्यवसायियों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा।
- ई-एडवोकेट अभिलेखीकरण और न्यायपालिका में संरचनात्मक सुधार।
नेपाल बार एसोसिएशन का यह चुनाव क़ानूनी व्यवसायियों और न्यायपालिका पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।


