भारत के लिए पाकिस्तान ने बंद किया अपना एयर स्पेस, किसकाे हाेगा कितना नुकसान ?
पहलगाम घटना के बाद भारत द्वारा उठाए गए निर्णय के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने स्पेस को भारतीय फ्लाइट्स के लिए बंद कर दिया है. किन्तु सवाल यह उठता है कि शहबाज शरीफ की सरकार द्वारा हवाई नाकेबंदी वाले निर्णाय से किसे और कितना नुकसान होगा? इसके अलावा क्या यूरोप-अमेरिका ट्रिप हो जाएगी महंगी? तो इस सवाल का जवाब यह है कि पाकिस्तानी एयर स्पेस बंद होने से भारत से अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया जाने वाली फ्लाइट्स को गुजरात या महाराष्ट्र के रास्ते अरब सागर के ऊपर से गुजरना होगा. इससे फ्लाइट के समय में औसतन 60 मिनट से तीन घंटे तक का इजाफा हो सकता है. अभी तक दिल्ली और मुंबई से अमेरिका के न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी, शिकागो सहित अन्य एयरपोर्ट्स को जाने वाली फ्लाइट पाकिस्तानी एयर स्पेस से होकर गुजरती थीं. पाकिस्तानी एयर स्पेस बंद होने के बाद भारत से अमेरिका के बीच उड़ान भरने वाली एयरलाइंस के पास दो विकल्प होंगे. पहला- साउदर्न रूट और दूसरा- नॉर्दर्न रूट. यदि एयरलाइंस दक्षिणी मार्ग चुनती हैं तो उन्हें अरब सागर और मध्य पूर्व के ऊपर से गुजरना होगा.
उत्तरी मार्ग चुनने पर रूस और मध्य एशिया के ऊपर से गुजरकर अमेरिका जाना होगा. ऐसी स्थिति में फ्लाइट के फ्लाइंग टाइम में करीब 70-90 मिनट की बढ़ोत्तरी हो सकी है. वहीं, फ्लाइंग टाइम का सीधा असर फ्यूल कंजप्शन और फ्लाइट कॉस्ट पर पड़ेगा. नतीजतन इन सेक्टर्स की एयर टिकट महंगी हो सकती हैं.
पाकिस्तानी एयर स्पेस क्लोजर का असर यूके, जर्मनी, फ्रांस सहित यूरोपीय देशों में जाने वाली फ्लाइट्स पर भी पड़ेगा. पाकिस्तानी एयर स्पेस बंद होने के बाद दिल्ली और मुंबई से लंदन और पेरिस जाने वाली फ्लाइट्स के पास भी अल्टरनेटिव ऑप्शन होंगे. पहला फ्लाइट उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के रास्ते यूरोप पहुंचें.
दूसरा साउदर्न रूट यानी सऊदी अरब और ईरान के रास्ते फ्लाइट्स को यूरोपीय देश पहुंचा होगा. वहीं, जहां तक समय की बात है तो 2019 में जब पाकिस्तान ने एयर स्पेस बंद किया था, तब यूरोप की फ्लाइट्स में 10-15 मिनट से लेकर 2-3 घंटे तक की देरी देखी गई थी. यदि सभी रूट्स बंद हों, तो देरी 2-3 घंटे तक हो सकती है. पाकिस्तानी एयर स्पेस क्लोजार का भारत से सऊदी अरब, यूएई, कतर, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया जाने वाली फ्लाइट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. भारतीय एयरपोर्ट से इन देशों को जाने वाली फ्लाइट्स पहले से ही पाकिस्तानी एयर स्पेस से बचती हैं. लिहाजा इन फ्लाइट्स का पाकिस्तानी एयर स्पेस क्लोजर का न्यूनतम असर पड़ेगा. 400 से अधिक भारतीय उड़ानें प्रतिदिन पाकिस्तानी स्पेस का इस्तेमाल करती हैं.
जवाबी कारवाही में पाकिस्तान ने अपना एयर स्पेस बंद तो कर दिया, पर इसके एवज में उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. अपनी बदहाली से परेशान पाकिस्तान को एयर स्पेस क्लोजर की वजह से कई सौ करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है. 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस के 11 रूट्स में से 9 को बंद कर दिया था, जिससे पाकिस्तान को 688 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. इस बार पाकिस्तान ने अपने सभी रूट्स को बंद कर दिया है, लिहाजा पाकिस्तान की बदहाली में इजाफा हाेने वाला है ।


