Wed. Apr 8th, 2020

श्वेता दीप्ति

Dr.Shweta Dipti is Editor of Himalini Hindi magazine from Nepal . Dr. Dipti is also former Head of Department of Hindi in Tribhban University at Kirtipur campus, Kathmandu.

जीवन का उद्देश्य है “सार्थकता” यह तभी मिलेगा जब हम सुकर्म करेंगे : श्वेता दीप्ति

‘बड़े भाग मानुष तन पावा’ उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः । न हि सुप्तस्य सिंहस्य

 

केन्द्रीय सत्ता राजपा को करीब लाना चाहती है, मधेशवादी दल एक हैं: मुख्यमंत्री राउत

प्रदेश नम्बर दो के मुख्यमंत्री श्री लालबाबु राउत गद्दी से वर्तमान परिवेश में प्रदेश नम्बर

 

क्या भारत की राजनीति लगातार नयाँ इतिहास रच रही है ?: श्वेता दीप्ति

डॉ श्वेता दीप्ति, हिमालिनी  अंक  दिसंबर 2019 । वर्तमान में भारत की राजनीति पर सम्पूर्ण

 

धर्म और संस्कृति का समन्वय स्थल नेपाल : श्वेता दीप्ति

डॉ. श्वेता दीप्ति, हिमालिनी  अंक  नवंबर  2019 | रुपन्देही लुम्बिनी, नेपाल की पहचान बुद्ध देश

 

पाकिस्तान के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सैन्य बल पर खर्च होता है : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, हिमालिनी, नोवेम्बर | आतंकवादी संगठनों में एक चर्चित संगठन है, जम्मू कश्मीर लिबरेशन

 

हमारे पर्व हमें प्रकृति की पूजा करना सिखाते हैं : श्वेता दीप्ति

हिन्दू संकृति और आस्श्विन मास हिमालिनी  अंक अगस्त , सितंबर  2019 (सम्पादकीय ) | हिन्दू

 

दुःख ही जीवन की कथा रही क्या कहूं आज जो नहीं कही : निराला

डॉ श्वेता दीप्ति , सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला हिन्दी के छायावादी कवियों में कई दृष्टियों से

 

आत्महत्या ! आखिर इसका समाधान क्या है ? : श्वेता दीप्ति

क्यों हार जाता है मन ? हिमालिनी,अंक अगस्त,2019 (सम्पादकीय)| आत्महत्या । एक डरावना शब्द । एक शब्द,

 

राधा ही कृष्ण और कृष्ण ही राधा क्यों है ? : श्वेता दीप्ति

भगवान श्री कृष्ण और राधा का संबंध आमतौर पर पति-पत्नी का नहीं बल्कि प्रेमी-प्रेमिका के

 

जागरूकता नारा में नहीं, मानसिकता में होनी चाहिए : मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत गद्दी

नशा में डूबता युवा वर्ग हिमालिनी  अंक जुलाई २०१९ | केन्द्रीकृत शासन व्यवस्था को परिवर्तन

 

विकास के नाम पर हो रहे विनास से इस पृथ्वी को बचावें : श्वेता दीप्ति

आगे बढ़ने की होड़ में मानवता, नैतिकता और कृतज्ञता जैसे भाव आज लगभग समाप्त हो

 

वाल्मीकि, जिन्हाेंने हिन्दु धर्म काे दिया रामायण के रुप में एक महान ग्र‌ंथ

शिवपुराण में कहा गया है कि दयालु मनुष्य, अभिमानशून्य व्यक्ति, परोपकारी और जितेंद्रीय ये चार

 

अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता लोकतन्त्र की प्राणवायु : डा.श्वेता दीप्ति

हिमालिनी, सम्पादकीय, अंक मई 2019 |विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता लोकतन्त्र की प्राणवायु की भांति

 

पत्रकार महासंघ में महिला नेतृत्व – विगत से वर्तमान : मीरा राजभण्डारी अमात्य

मीरा राजभण्डारी अमात्य, काठमांडू | विसंं १९७१ में बनारस से चन्द्र मासिक में प्रकाशित ‘स्त्री

 

 नारी को देवी नहीं सिर्फ इंसान समझें : डॉ श्वेता दीप्ति

नारी को देवी नहीं सिर्फ इंसान समझें स्वभावो नोपदेशेन शक्यते कर्तुमन्यथा । सुतप्तमपि पानीयं पुनर्गच्छति शीतताम् ।।

 

डा. राणा की तलाश बेहतरीन अल्फाजों का मजमुआ है : वसन्त चौधरी

डा कृष्णजंग राणा रचित हिन्दी गजल संग्रह तलाश का आज हिमालिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम

 

रेशम चौधरी की उम्रकैद : सजा या सफाया मधेश की राजनीति ? : श्वेता दीप्ति

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | रेशम चौधरी की उम्रकैद सजा या सफाया मधेश की राजनीति में

 

धर्म जीवन को संयमित करता है : श्वेता दीप्ति

एकवर्णं यथा दुग्धं भिन्नवर्णासु धेनुषु । तथैव धर्मवैचित्त्यं तत्वमेकं परं स्मृतम् ।। आकाशात् पतितं तोयं यथा गच्छति

 

हकीकत यही है कि समग्र मधेशी के समझने की भाषा है हिन्दी : खगेन्द्र संग्रौला

मधेश के विषय में दो दृष्टिकोण व्याप्त हैं । पहला मधेस, भूमि, समाज, सभ्यता, परम्परा,

 

नेपाल के पहले राजा मनु थे जिन्होंने सत्ययुग में यहां राज किया था : डा.श्वेता दीप्ति

प्राचीन नेपाल (मिथकीय युग) भारत और नेपाल का मिथकीय युग एकसाथ शुरू होता है । हिंदू

 

हिंदी उर्वरा है, इसमें भाव प्रवणता है तथा व्याकरण से अनुशासित है : डा.श्वेता दीप्ति

सर्वग्राह्य हिन्दी भाषा को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो आज हिन्दी २२ देशों में करीब १००

 

मिथिला और देवघाट नेपाल भारत सम्बन्ध की अटूट कड़ी : डॉ. श्वेता दीप्ति

“अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका । पुरी द्वारावती चैप सप्तैता मोक्षदायिकाः ।।” गरुड़ पुराण के अनुसार