अपने मताधिकार की ताकत को पहचानें और इसका सार्थक उपयोग करें : श्वेता दीप्ति

डॉ श्वेता दीप्ति, सम्पादकीय हिमालिनी अंक फरवरी ०२६।नेपाली जनता के सामने दो तरह की चुनौतियाँ बनी हुई हैं– एक देश में प्रतिक्रांतिकारी चुनौती और दूसरी देश को पुनः यथास्थिति में ले जाने की आशंका । ये दोनों प्रवृत्तियाँ या शक्तियाँ नेपाली जनता में निहित सार्वभौम सत्ता और संविधान के विरुद्ध दिखाई देने वाले खतरे के रूप में अब भी मौजूद हैं ।
यथास्थितिवादी शक्तियाँ विद्रोह को कमजोर या निष्प्रभावी करने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं, जबकि प्रतिगामी शक्तियाँ व्यवस्था को पलटने का प्रयास कर रही हैं । यदि जेन्जी विद्रोह प्रत्यक्ष शासकीय स्वरूप और पूर्ण निर्वाचन प्रणाली की घोषणा कर पाता, तो यह एक अत्यंत उपलब्धिमूलक क्रांति सिद्ध होती । फिर भी, जेन्जी विद्रोह अंतरिम सरकार के गठन और संसद विघटन में सफल रहा है तथा आगे की दिशा तय कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के अवसर के निकट है ।

आगामी निर्वाचन हमारे समक्ष है । देश बदलने की कल्पना हम कर रहे हैं और यही सपना सभी दल जनता को दिखा रहा है । जनता तो यही चाहती है कि राज्य के सभी तंत्रों में सुधार करते हुए आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र की सभी विसंगतियों का अंत हो । एक निष्पक्ष, स्वतंत्र और सशक्त भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र का निर्माणदेश की आवश्यकता है । सभी भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने में सक्षम सरकार बने यह आम जनता की चाहत है । भले ही यह चुनाव जनता पर थोपा गया है फिर भी एक नयी सोच के साथ देश की दशा को बदलने के लिए आम निर्वाचन में जनता की सहभागिता आवश्यक है ।

मतदान करना राजनीतिक जिम्मेदारी की दिशा में हमारा पहला कदम होता है । प्रत्येक नागरिक को अपने वोट के महत्व को समझना चाहिए । वोट किसी को भी दें लेकिन बर्बाद न होने दें । राष्ट्रहित में वोट करना जरुरी है । हर किसी का एक एक वोट बेहद मौलिक है । यह राज्य और देश की राजनीति में गहरा असर करता है । देश की समग्र प्रगति में वोटिंग की अहमियत हमें समझनी चाहिए । इस गलतफहमी में मत रहिए कि मेरे एक वोट से क्या फर्क पड़ेगा ? वोटिंग के लिए कुछ समय अपने राष्ट्र के हित में समर्पित करें । कर्तव्यनिष्ठ बनकर राष्ट्रहित में वोट करना न सिर्फ बल्कि हमारी जिम्मेदारी है । आपके एक एक वोट से चुनी हुई सरकार आपके ही जिंदगी पर असर करती है । इसलिए कोई भी बहाने न बनाते हुए वोट करें और अपनी कर्तव्यों का तथा जिम्मेदारी का निर्वहन करें ।
लोकतंत्र में सरकार के माध्यम से हमारा जीवन बदलता है । हालांकि, जो लोग वोट नहीं देते वे मनपसंद सरकारें भी नहीं चुन सकते । स्वाभाविक रूप से, वे सरकार की विभिन्न योजनाओं की आलोचना करते हैं । दरअसल, चुनाव में अपनी पसंद की सरकार चुनने का अवसर और अधिकार सभी को मिलता है । यदि आप चाहते हैं कि देश में, राज्य में अच्छे परिवर्तन हों, तो मतदान अवश्य करें । मतदान के माध्यम से हम मिलकर सामूहिक रूप से सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं । चुनाव और वोटिंग राज्य और देश की राजनीति में गहरा असर करता है । इसकी अहमियत पहचानें ।
राजनीतिक प्रक्रिया के भ्रष्ट हो जाने की हद की वजह से पैदा निराशा और उदासीनता के कारण एक पराजित दृष्टिकोण हमारा हो सकता है । लेकिन डाला गया हर मत आशा और विश्वास का प्रतीक होता है जिसे हम उम्मीदवारी में व्यक्त करते हैं, जिसके बारे में हम मानते हैं कि वह एक सकारात्मक अंतर ला सकता है । लोकतंत्र में अपना मत न डालना अपनी जिम्मेदारी से भागना हो सकता है । इसलिए एक जागरुक नागरिक की जिम्मेदारी का निर्वहन अवश्य करें ।

सम्पादक, हिमालिनी

