Thu. Jul 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

शेख हसीन को ग‍िरफ्तार कर बांग्‍लादेश वापस भेजे भारत

 

काठमान्डु7अगस्त

बांग्‍लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोस‍िएशन के अध्‍यक्ष ए.एम. महबूब उद्दीन खोकन ने भारत से अपील की है क‍ि शेख हसीना और उनकी बहन को ग‍िरफ्तार कर बांग्‍लादेश वापस भेज दें.बांग्‍लादेश की सत्‍ता से बेदखल शेख हसीना फ‍िलहाल भारत में हैं. यहां से कहां जाएंगी, अभी ये स्‍पष्‍ट नहीं है. कहा जा रहा है क‍ि वे अगले 48 घंटे में भारत छोड़ सकती हैं और शायद यूरोप जाने की तैयारी कर रही हैं.

खोकन ने कहा, हम भारत के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं. कृपया, शेख हसीना और शेख रेहाना को गिरफ्तार करें, और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दें. शेख हसीना ने बांग्लादेश में कई लोगों की हत्या की है. वो हत्‍यारी हैं. खोकन खाल‍िदा जिया की पार्टी बीएनपी के ज्‍वाइंंट सेक्रेटरी भी हैं. उन्‍होंने अध‍िकार‍ियों से देश में इमरजेंसी न लगाने का आग्रह क‍िया है. उन्‍होंने कहा, आपातकाल लागू करने की बात चल रही है. हम मोईन यू अहमद और फखरुद्दीन अहमद जैसी सरकार नहीं चाहते. छात्रों समेत कोई भी देश में इमरजेंसी नहीं चाहता. वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे. अगर इमरजेंसी लागू की गई तो वे इसका विरोध करेंगे.

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 30 जून 2026 मंगलवार शुभसंवत् 2083

एससीबीए अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्‍ट‍िस से भी एक हफ्ते के अंदर इस्‍तीफा देने की मांग की. उन्‍होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट के कई जजों ने बीएनपी के लोगों को झूठे मामलों में रिमांड पर लेने का आदेश दिया है और उन्हें सजा सुनाई है. अवैध तरीके से संपत्‍त‍ि बनाने वाले अवामी लीग के नेता मोफज्जल हुसैन को बरी कर दिया, जबकि बीएनपी नेता इकबाल हसन महमूद तुकू और अमन उल्लाह अमन ऐसे ही मामलों में जेल में डाल दिया. वे लगातार सियासी फैसले लेते रहे. ये लोग जज बने रहने लायक नहीं हैं. अगर वे पद नहीं छोड़ेंगे तो हम उनके नामों का खुलासा करेंगे.

यह भी पढें   भारत-नेपाल क्रिकेट मैत्री को नई उड़ान: भारतीय दूतावास के एम्बेसडर क्रिकेट टूर्नामेंट का सफल समापन, नेपाली महिला अंडर-19 खिलाड़ियों को मिला विशेष प्रोत्साहन

एससीबीए अध्यक्ष ने अटॉर्नी जनरल, भ्रष्टाचार निरोधक आयोग और मानवाध‍िकार आयोग के प्रमुखों को एक हफ्ते के अंदर इस्‍तीफा देने को कहा. इन सबको हसीना सरकार ने नियुक्‍त क‍िया था. खोकोन ने कहा कि जेलों में कष्ट झेल रहे कई राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए. राष्ट्रपति ने कहा है कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाएगा. उन्हें न केवल जमानत दी जानी चाहिए, बल्कि उनके खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लेने चाह‍िए.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *