कल है अक्षय तृतीया लक्ष्मी काे लगाएँ केसरिया खीर का भाेग
अक्षय तृतीया का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दिन हर प्रकार के नए कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, क्योंकि इस दिन किसी भी शुभ काम के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। अक्षय तृतीया का अर्थ ही है – ‘जिसका कभी क्षय न हो।’ इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन जो भी पूजा, दान और भोग किया जाता है, उसका पुण्य अक्षय होता है- यानी जो कभी समाप्त नहीं होता।
इस विशेष दिन पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं, लेकिन केसरिया खीर का भोग बेहद शुभ और प्रिय माना जाता है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसमें शामिल केसर, दूध और चावल जैसी चीजें इसे सेहत के लिहाज से भी खास बना देती हैं।

