सुप्रीम कोर्ट से जारी हुआ फर्जी आदेश, रेशम चौधरी को जेल से रिहा करने की तैयारी
काठमांडू, 30 अप्रैल।
आज गिरफ्तार किए गए नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के संरक्षक रेशम चौधरी को आज ही जेल से रिहा किया जा रहा है। चौधरी को जेल भेजने का आदेश कानूनी रूप से वैध न ठहराए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नया पत्र जारी करते हुए उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के एक उच्च अधिकारी ने बताया, “मामला अभी विचाराधीन रहने के बावजूद एक शाखा अधिकृत द्वारा संदेहास्पद ढंग से पत्र जारी किया गया था, जिसकी जांच हम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उस पत्र की कोई वैधता नहीं रह जाती। अब उन्हें रिहा करने का पत्र जारी किया जा रहा है।”
आज सुप्रीम कोर्ट के शाखा अधिकृत महिमान सिंह विष्ट के नाम से जारी आदेश के आधार पर सादा पोशाक में मौजूद पुलिस ने कमलादी स्थित प्रज्ञा भवन परिसर से रेशम चौधरी को गिरफ्तार कर डिल्लीबजार कारागार ले गई थी। चौधरी की सजा माफी के फैसले के खिलाफ दायर रिट अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसी प्रक्रिया के बीच उन्हें गिरफ्तार करने संबंधी आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जांच शुरू की है।
इधर, चौधरी की गिरफ्तारी के लिए आदेश जारी करने वाले सुप्रीम कोर्ट के शाखा अधिकृत महिमान सिंह विष्ट को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट परिसर से ही हिरासत में लिया गया और भद्रकाली स्थित जिला पुलिस कार्यालय ले जाया गया है। बताया गया है कि विष्ट के नाम से जारी आदेश संदेहास्पद और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप न होने के कारण उनकी गिरफ्तारी की गई है।

