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भारतीय सेना का करारा प्रहार: 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान में ढेर हुए लश्कर और जैश के टॉप आतंकी

 


नई दिल्ली/भारतीय सेना ने 7 मई को पाकिस्तान के भीतर एक गुप्त और सटीक सैन्य कार्रवाई — ऑपरेशन सिंदूर — को अंजाम देते हुए आतंक के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों के शीर्ष कमांडरों को मार गिराया गया। ये आतंकी भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में वांछित थे।

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सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन की योजना महीनों से चल रही थी और इसमें भारतीय सेना की विशेष इकाइयों ने भाग लिया। कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।

मारे गए आतंकियों की सूची इस प्रकार है:

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1. मुदस्सर खाडियान खास उर्फ अबू जुंदाल (लश्कर-ए-तैयबा)

  • लश्कर के प्रमुख अड्डे मरकज़ तैबा (मुरिदके) का प्रभारी।
  • पाकिस्तान सेना ने उसे ‘शहीद’ का दर्जा दिया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
  • जनाज़ा एक सरकारी स्कूल में आयोजित हुआ, जिसका नेतृत्व वैश्विक आतंकी हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया।
  • सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के IG भी मौजूद रहे।

2. हाफिज मोहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद)

  • जैश के सरगना मौलाना मसूद अज़हर का बड़ा साला।
  • मरकज़ सुब्हान अल्लाह, बहावलपुर का प्रमुख।
  • जेईएम के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और फंडिंग जुटाने में सक्रिय भूमिका।

3. मोहम्मद यूसुफ अज़हर उर्फ उस्ताद जी (जैश-ए-मोहम्मद)

  • मसूद अज़हर का साला और हथियार प्रशिक्षण का मास्टरमाइंड।
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों और IC-814 विमान अपहरण का आरोपी।
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4. खालिद उर्फ अबू अकाशा (लश्कर-ए-तैयबा)

  • जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों में शामिल।
  • अफगानिस्तान से पाकिस्तान में हथियारों की तस्करी करता था।
  • फैसलाबाद में जनाज़े में पाक सेना और प्रशासन के उच्च अधिकारी शामिल हुए।

5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद)

  • पीओके में जैश के कमांडर मुफ़्ती असग़र खान कश्मीरी का बेटा।
  • कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस सर्जिकल प्रहार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रवैया अपना चुका है और सीमा पार सुरक्षित ठिकानों में बैठे आतंकियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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सरकार की प्रतिक्रिया:
अब तक आधिकारिक तौर पर भारत सरकार ने इस ऑपरेशन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उच्चस्तरीय सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई “राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में” की गई और इसका उद्देश्य “सीमापार आतंक के नेटवर्क को ध्वस्त करना” था।

पाकिस्तान की स्थिति:
पाक मीडिया और राजनीतिक हलकों में गहरा सन्नाटा है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने मारे गए आतंकियों को ‘शहीद’ करार दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की दोहरी नीति एक बार फिर उजागर हो गई है ।

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