काठमांडू विश्वविद्यालय में मौलिक संचार सिद्धांत पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
नेपालगंज/ (बांके) पवन जायसवाल । काठमांडू विश्वविद्यालय के भाषा तथा संचार विभाग द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो जेष्ठ २८ गते (बुधवार) को सम्पन्न हुआ। यह संगोष्ठी मौलिक दर्शन पर आधारित संचार सिद्धांतों के विषय में केंद्रित रही।
संगोष्ठी में विद्यावारिधि (पीएचडी) शोधार्थियों, स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई। कार्यक्रम के दौरान कुल ३८ प्रतिभागियों द्वारा दो दर्जन से अधिक शोध–पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें स्नातक विद्यार्थियों ने समूहगत और अन्य ने व्यक्तिगत रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग प्रमुख डॉ. निर्मलमणि अधिकारी ने की, जबकि उद्घाटन सत्र के प्रमुख अतिथि सुदूरपश्चिम प्रज्ञा–प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. टीएन जोशी रहे। विज्ञापन बोर्ड के अध्यक्ष लक्ष्मण हुमागाईं तथा स्कूल ऑफ आर्ट्स के एसोसिएट डीन डॉ. उद्धव प्याकुरेल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित बुडी लुहर विश्वविद्यालय की शिक्षिका डॉ. नि गुस्ती आयु केतुत कुर्नीयासारी ने ऑनलाइन माध्यम से पूर्वीय दर्शन पर आधारित मौलिक अनुसंधान और संचार सिद्धांतों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु दाहाल, डॉ. रामचंद्र पौडेल, स्कूल ऑफ एजुकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ ढुंगाना, सहिष्णु पौड्याल, तृष्णा आचार्य सहित अन्य विद्वानों ने की। इन सभी ने प्रस्तुत शोध–पत्रों पर मूल्यवान टिप्पणियाँ भी दीं।
संगोष्ठी ने नेपाली संचार क्षेत्र में मौलिक सिद्धांतों पर आधारित अध्ययन और शोध को नई दिशा देने का प्रयास किया।


