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गाज़ा बना ‘भूख से मरते लोगों का कब्रिस्तान’: UN एजेंसी प्रमुख का बड़ा बयान

 

 

तेल अवीव / एजेंसी, १३ जुलाई २०२५ । संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेन्सी (UNRWA) के प्रमुख फिलिप लाजारिनी ने कहा है कि गाज़ा अब बच्चों और भूख से पीड़ित लोगों का कब्रिस्तान बनता जा रहा है। उन्होंने इजरायल पर “क्रूर और मक्कियावेली-शैली की रणनीति” अपनाने का आरोप लगाया।

लाजारिनी ने कहा, “गाज़ा में फंसे लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। उनके पास भूख से मरने या बमबारी में मारे जाने — इन दोनों में से एक मृत्यु का ही विकल्प है। यह एक भयावह और संगठित हत्याकांड है।”

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गाज़ा की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, २७ मई से अब तक अमेरिका और इजरायल समर्थित जीएचएस द्वारा संचालित खाद्य सहायता केन्द्रों के पास सहायता के इंतजार में कम से कम ८०० फिलीस्तीनी मारे गए हैं और ५,१०१ लोग घायल हुए हैं।

लाजारिनी के बयान उस समय आए जब इजरायली सेना ने मध्य गाज़ा के देइर अल–बलाह शहर में पोषण सहायता के लिए कतार में खड़े १५ लोगों को मार डाला, जिनमें नौ बच्चे और चार महिलाएं थीं।

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रविना शमदासानी के अनुसार, ७ मई से ७ जुलाई तक गाज़ा में सहायता केंद्रों के पास कुल ७९८ लोगों की हत्या हुई है।

इजरायली सैनिकों और जीएचएफ के अमेरिकी ठेकेदारों ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने भोजन की तलाश में जुटे निहत्थे फिलीस्तीनियों पर गोलियां चलाईं।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के उपकार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने गाज़ा को “अब तक की सबसे भीषण मानवीय स्थिति” बताया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफपी के पास पूरे गाज़ा की जनसंख्या के लिए दो महीने का पर्याप्त खाद्यान्न है, लेकिन ट्रकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही।

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