विराटनगर में आभा फाउंडेशन के बैनर तले तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण
बिराटनगर, माला मिश्रा / वरुण मिश्रा । औधोगिक और साहित्यिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाता नेपाल का प्रमुख शहर विराटनगर, जहाँ शनिवार के दिन “काव्य गुच्छ”, ” गुनासो “और “तुम्हें पता है न”, इन तीन पुस्तकों का लोकार्पण पूर्व समाजिक मंत्री जीवन घिमरे जी के करकमलों द्वारा हुआ, वहीं मंच पर आसीन नेपाल और भारत की जानी-मानी हस्तियाँ मंच को सुशोभित कर रहीं थीं। ऐमाले के नेता खेम नेपाली , न्यू सृष्टि दैनिक के सम्पादक शंकर खरेल , विराट साहित्य संगम के अध्यक्ष मधु पोखरेल , प्राज्ञ विवश पोखरेल , आभा फाउंडेशन की अध्यक्ष आभा अनुपमा , आभा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष गोविन्द प्रसाद पोखरेल , भारत नेपाल मैत्री समाज जोगबनी के अध्यक्ष व पत्रकार वरुण मिश्रा , वरिष्ठ लेखक एवं प्रध्यापक ध्रुव कुमार , लोकतंत्र की बुनियाद के सम्पादक गणेश यादव , इन्द्रेणी कला केंद्र की अध्यक्ष माया पोड़ैल , समाजसेविका शोभा लामा बल, नारी सृष्टा की अध्यक्ष ममता मृदुल के उपस्थिति ने और वरिष्ठ साहित्यकार शिव नारायण सिंगल जी के मंच संचालन कौशल ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में फाउंडेशन के सचिव चाँद इराकी ने आभा फाउंडेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उसके बाद तीनों पुस्तकों की समीक्षा हुई। मधु पोखरेल , ममता मृदुल , प्राज्ञय विवेश पोखरेल पुस्तक के समीक्षक थे। “तुम्हें पता है न” लघुकथा की लेखिका पूजा बहार और “गुनासो” लघुकथा के मूल लेखक डॉ. ध्रुव कुमार का आभा फाउंडेशन द्वारा भव्य सम्मान किया गया। फाउंडेशन की कोषाध्यक्ष साधना झा , रीता भट्टराई , आकाश अग्रवाल, और कल्याणी ने मिलकर कार्यक्रम के हर कार्य को बहुत सुन्दर ढंग से निभाया और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।


