मुझे मालूम नहीं पूर्व राष्ट्रपति भंडारी को कौन उकसा रहा है –प्रधानमंत्री ओली
काठमांडू, सावन ११ – नेकपा एमाले के अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि मुझे नहीं मालूम पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को कौन उकसा रहा है ? इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट करते हुए कहा कि भंडारी के साथ अब किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा ।
शनिवार की रात, प्रधानमंत्री ओली ने कर्णाली क्षेत्र के केन्द्रीय सदस्यों को बालुवाटार बुलाकर पार्टी के भीतर उत्पन्न समस्याओं के बारे में लंबी ब्रीफिंग दी और निर्देश भी दिए । बैठक में शामिल एक नेता ने बताया, “करीब तीन घंटे चर्चा हुई, पहले नेताओं से ब्रीफिंग ली गई और फिर अध्यक्ष ने दो घंटे तक अपनी बात रखी।”
ओली ने कहा कि उन्होंने ही विद्या भण्डारी को राष्ट्रपति बनाया था, और उसी समय यह जानकारी में था कि दोबारा राजनीति में लौटना संभव नहीं होगा।
प्रधानमंत्री ओली ने कहा, “मैंने माधव नेपाल को प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने यह कहकर प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया कि राष्ट्रपति बनने के बाद राजनीति में वापस आना संभव नहीं होगा।” उन्होंने बताया कि झलनाथ खनाल ने भी माधव नेपाल की तरह ही जवाब दिया था।
ओली ने कहा कि अगर राजनीति में सक्रिय रूप से लौटना संभव नहीं है, तो फिर विद्या भण्डारी को भी यह बात समझनी चाहिए। “माधव नेपाल से १० साल छोटी विद्या जी यह बात समझकर ही आगे बढ़ीं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि इसी कारण उन्होंने विद्या भण्डारी को दूसरी बार राष्ट्रपति बनाने के लिए जोर दिया था।
एक अन्य केन्द्रीय सदस्य ने ओली का उद्धरण देते हुए कहा, “विद्या जी को दूसरी बार राष्ट्रपति बनाने का अभियान मैंने चलाया था। झलनाथ जी की इच्छा होने पर भी मैंने कहा था कि अगले पाँच साल विद्या जी को ही रहने देना चाहिए।”
लेकिन ओली ने यह भी बताया कि हाल ही में ३ असार को जब पूर्व राष्ट्रपति भण्डारी बालुवाटार आईं, तो उन्होंने उन पर तथ्यहीन आरोप लगाए। ओली ने नेताओं से कहा, “मुझे मालूम नहीं उन्हें कौन उकसा रहा है।”


